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अमेरिका से सीखकर आया था ठगी का तरीका

मुंबई.ठाणे के मीरा रोड इलाके में काॅल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों को चूना लगानेवाला मुख्य आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। अब तक की छानबीन में पुलिस को पता चला है कि आरोपी पहले अमेरिका में एक कॉल सेंटर में नौकरी करता था, जहां मोबाइल का बिल न चुकाने वाले अमेरिकी नागरिकों को पुलिस के नाम से धमकाया जाता था। यहीं से उसे ठगी का आइडिया आया।
– दरअसल आरोपी ने देखा कि अमेरिकी नागरिक कानून और पुलिस की झंझट में फंसने से डरते हैं आैर इसी डर का फायदा उठाने आरोपी भारत आया। मीरा रोड इलाके में कॉल सेंटर शुरू किया।
– अब तक की जांच में पता चला है कि अगर सौ लोगों को फोन किया जाता था तो करीब 7-8 लोग जाल में फंस जाते थे। इसके बाद डरे हुए लोगों से 500 से 60 हजार डॉलर तक वसूले जाते थे।
– वसूली गई रकम में से 30 फीसदी हिस्सा मुख्य आरोपी लेता था। साथ ही ठगी में कामयाबी हासिल करने वाले कॉल सेंटर कर्मचारी को भी प्रोत्साहन भत्ता दिया जाता था।
– पुलिस को शक है कि मुख्य आरोपी देश से बाहर का हो सकता है। फिलहाल पुलिस उसके नाम का खुलासा नहीं कर रही है।
पीड़ित ने पुलिस से किया संपर्क
– इस बीच ठगी के शिकार हुए कैलिफोर्निया में रहने वाले एक भारतीय नागरिक ने ठाणे पुलिस से संपर्क कर अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी दी है।
– डीसीपी (अपराध) पराग मानेरे ने बताया कि अमेरिकी जांच एजेंसियों ने अभी तक ठाणे पुलिस से संपर्क नहीं किया, लेकिन ठगी के शिकार हुए कई अमेरिकी नागरिक सामने आ रहे हैं और मामले की जानकारी दे रहे हैं। फिलहाल मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
फर्राटेदार अंगरेजी बोलनेवाले को नौकरी
– मुख्य आरोपी 40-50 हजार रुपए देकर उन युवाओं को नौकरी पर रखता था, जो अमेरिकी लहजे में फर्राटेदार अंगरेजी बोल सकते थे।
– तनख्वाह कितनी होगी यह किसी डिग्री के बजाय इस बात पर निर्भर होता था कि नौकरी का इच्छुक कितनी अच्छी अंगरेजी बोल लेता है।
– फोन करने वाले शख्स से कोई गलती न हो इसलिए संभावित सवाल जवाब की स्क्रिप्ट पहले से तैयार की जाती थी। फोन करने से पहले कॉल सेंटर के कर्मचारी इसे कई बार पढ़ते थे।

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