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एप्पल ने क्वालकॉम को खींचा कोर्ट में , मांगा एक अरब का हर्जाना!

सैन फ्रांसिस्‍को। एप्पल ने चिप बनाने वाली मशहूर कंपनी क्वालकॉम को कोर्ट में खींच लिया है। दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी ने क्वालकॉम के खिलाफ एक अरब डॉलर (तकरीबन 68 अरब रुपये) का मुकदमा किया है।

बाजार में एकाधिकार बनाए रखने के लिए प्रतिस्पर्धा विरोधी गतिविधियों का सहारा लेने का अरोप लगाते हुए अमेरिकी सरकार ने कुछ दिन पहले ही चिप निर्माता पर मुकदमा दायर किया है।

एप्पल की ओर से ताजा कदम इसके बाद उठाया गया है। एप्पल ने कैलिफोर्निया की एक अदालत में क्वालकॉम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

कंपनी ने आरोप लगाया है कि क्वालकॉम ने उससे चिप की ज्यादा कीमत वसूली है। चिप निर्माता ने एक अरब डॉलर की वह राशि भी वापस करने से मना कर दिया है जो उसने रिफंड करने का वादा किया था।

क्वालकॉम की ओर से यह रिबेट या छूट रोकने का आधार यह बताया गया है कि एप्पल दक्षिण कोरिया के एंटीट्रस्ट रेगुलेटर कोरिया फेयर ट्रेड कमीशन (केएफटीसी) के साथ बातचीत कर रही है।

और क्या हैं आरोप

एप्पल ने शिकायत में यह भी कहा है कि क्वालकॉम उसे कई वर्षों से मजबूर कर रही है। वह अनुचित रूप से उस टेक्नोलॉजी के लिए रॉयलिटी वसूलने पर अड़ी है जिसका उससे कोई लेनादेना नहीं है। एप्पल नए फीचर्स के साथ जितना इनोवेशन करती है क्वालकॉम बिना किसी वजह के उतनी ही ज्यादा राशि की हकदार बनने लगती है। इस तरह इन इनोवेशन को फंड कर पाना अधिक खर्चीला हो जाता है।

क्या करती है क्वालकॉम

क्वालकॉम दुनियाभर में स्मार्टफोन के सेमीकंडक्टर बनाने के लिए चर्चित है। यह कंपनी एप्पल और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स दोनों को मॉडम चिप की आपूर्ति करती है। यह चिप ही फोन को वायरलेस नेटवर्क से कनेक्ट करती है। पिछले साल क्वालकॉम को हुई 23.5 अरब डॉलर की कमाई का 40 फीसद रेवेन्यू इन्हीं दोनों कंपनियों से आया था।

एफटीसी भी कर चुका है मुकदमा

मंगलवार को अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन यानी एफटीसी ने क्वालकॉम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उसने आरोप लगाया था कि सैन डियागो की कंपनी कुछ फोन चिप की आपूर्तिकर्ता के तौर पर अपने दबदबे का अनुचित इस्तेमाल कर रही है।

इसका फायदा उठाते हुए कंपनी सेलफोन मैन्यूफैक्चरर्स पर आपूर्ति और लाइसेंसिंग की कष्टदायक शर्तें थोप रही है। एफटीसी की शिकायत का क्वालकॉम ने जवाब देने को कहा था।

क्वालकॉम ने किया पलटवार

फिलहाल क्वालकॉम ने एप्पल के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट व जनरल काउंसल डॉन रोजेनबर्ग ने कहा कि एप्पल के आरोप बेबुनियाद हैं।

टेक्नोलॉजी कंपनी ने करार और उनकी शर्तों को गलत तरीके से पेश किया है। एप्पल दुनियाभर में लगातार क्वालकॉम के कारोबार के नियामकों के जरिये हमला करने में जुटी हुई है। यह कोरियाई नियामक के मामले से भी साबित हो जाता है।

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