कपड़े के बैग बनाने के लिए महिलाओं की स्व सहायता समूहों को दिया स्वरोजगार

भोपाल नगर निगम द्वारा शहर से प्लास्टिक का उपयोग रोकने के लिए चलाए जा रहे ‘से नो टू प्लास्टिक’ के तहत कैरी-यॉर-ऑन बैग अभियान प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में लागू होगा। राज्य सरकार ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। नगर निगम अभियान के तहत प्लास्टिक का उपयोग रोकने के लिए कपड़े के बैग बांट रहा है। अब तक 15 हजार बैग बांटे जा चुके हैं। कपड़े के बैग बनाने के लिए महिलाओं की स्व सहायता समूहों को स्वरोजगार दिया गया है। जो पुराने कपड़ों से बैग सिल रही हैं। पुराने कपड़ों के कलेक्शन के लिए नगर निगम ने सभी जोन कार्यालयों में कपड़ा कलेक्शन बैंक (ड्रम) की व्यवस्था की गई है।

साथ ही कियोस्क सेंटर से लोग पुराने कपड़े देकर निशुल्क बैग सिलवा सकते हैं। लोगों और व्यापारियों को प्लास्टिक के प्रति जागरूक करने के लिए निगम अमला व एनजीओ मिलकर काम कर रहे हैं। लोगों को प्लास्टिक से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जा रही है। नगर निगम के अपर आयुक्त राजेश राठौर ने बताया कि कुछ एनजीओ और संस्थाएं खुद ही कपड़े के बैग बांट रहे हैं।

जहां प्लास्टिक फ्री किया वहां खुले कियोस्क सेंटर

नगर निगम द्वारा बड़ी झील में प्लास्टिक को रोकने के लिए बोट क्लब को प्लास्टिक फ्री घोषित किया गया है। यहां लोगों की सुविधा के लिए कियोस्क सेंटर खोला गया है, जहां पांच रुपए में कपड़े के बैग दिए जा रहे हैं। बैग वापस करने पर यह राशि वापस करने की व्यवस्था की गई है। यहां शहर के हर हिस्से से लोग घूमने फिरने के लिए आते हैं, इसलिए इस जगह को प्लास्टिक फ्री किए जाने से लोगों को प्लास्टिक के अभियान से रूबरू हो रहे हैं। इसी तरह न्यूमार्केट को प्लास्टिक फ्री बनाने के लिए अभियान शुरू किया गया है। जहां दुकानदारों को प्लास्टिक बैग का उपयोग न करने के लिए समझाइश दी जा रही है।

अब वेबसाइट लांचिंग की तैयारी

शहर को प्लास्टिक फ्री करने की दिशा में नगर निगम बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इसके तहत वेबसाइट लांचिंग की तैयारी है। इसमें रिसाइकलर को लिंक किया जाएगा। लोग प्लास्टिक बैग का विकल्प चुन सकेंगे। ऑनलाइन फार्म भरकर शपथ ले सकेंगे। साथ ही अपने स्कूल, दुकानों व संस्थानों को प्लास्टिक फ्री का नगर निगम से सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकेंगे।

4 जून 2019 को हुए थे आदेश

मप्र सरकार ने 4 जून 2019 को आदेश जारी किया था, जिसमें सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह से रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत सभी सरकारी कार्यालयों में सिंगल यूज प्लास्टिक से बने गुलदस्ते, डिस्पोजल पर भी रोक लगाने को कहा गया था। लेकिन अब तक निगम कार्यालयों को ही नगर निगम प्लास्टिक फ्री घोषित कर पाया है। नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 एवं प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन नियम 2016 के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है।

यह है प्लास्टिक की मौजूदा स्थिति

शहर से रोजाना 25 टन प्लास्टिक वेस्ट निकलता है। वर्तमान में भानपुर में प्लास्टिक संग्रहण केंद्र व प्रोसेसिंग सेंटर बनाया गया है। यहां पर 12 टन प्लास्टिक रोजाना पहुंचाया जा रहा है। शहर के अंदर बने तीन कचरा ट्रांसफर स्टेशन में भी प्लास्टिक वेस्ट कलेक्शन सेंटर है, जहां मशीनों के माध्यम से प्रोसेसिंग की जाएगी। इस तरह रोजाना 15 टन प्लास्टिक वेस्ट का कलेक्शन होने लगा है।

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