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जज के साथ बेटे का भी कातिल है पति, चाैंका देंगे दाेनाें के whatsapp चैटिंग

कानपुर देहात की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रतिभा गाैतम की हत्या अकेले नहीं हुई थी। उनके साथ उनके जान से भी प्यारे बेटे काे जन्म से पहले ही माैत के घाट उतार दिया गया था। दाे दिनाें की जांच में पुलिस ने पाया है कि यह दाेनाें हत्याएं महिला जज के पति मनु अभिषेक ने ही की हैं। वारदात इतनी दर्दनाक थी कि पाेस्टमार्टम करने वाले डाक्टराें का पैनल भी कुछ पल के लिए घनचक्कर हाे गया था। प्रतिभा ने हत्या के दाैरान कातिल से खूब संघर्ष किया था। उसने अंतिम समय तक जिंदगी के लिए जंग लड़ी, लेकिन कातिल पति उसपर भारी पड़ गया। हत्या से कुछ दिनाें पहले से ही दाेनाें के रिश्ताें में दरारें पड़नी शुरू हाे गई थी। दाेनाें के बीच watsapp चैटिंग में कई चाैंकाने वाली बातें सामने आई हैं। अागे पढ़िए माैत से पहले जज ने की क्या थी फरियाद…

judge-pratibha-gautam_1476122217बहादुर थी प्रतिभा

महिला जज और उनके पति के बीच 6 और 7 अक्तूबर को हुई व्हाट्सएप चैटिंग में पति के गुस्सैल-घटिया स्वभाव का पता चलता है तो पत्नी के समझौतावादी लेकिन बहादुर चरित्र का। पति की ओर से संबंधों को तोड़ने की कोशिश तो पत्नी की जद्दोजहद संबंधों को बचाने में समझ आती है।  4 अक्तूबर को पति मनु अपने दोस्तों के साथ मसूरी घूमने चला जाता है और 7 को नई दिल्ली वापस आता है। इस दौरान वह अपनी पत्नी को फोन तक नहीं करता। गर्भवती पत्नी को जब पति के साथ की जरूरत थी तब वह दोस्तों के साथ मौज कर रहा था। गर्भ गिराने का दबाव डालने के लिए मनु का लापरवाह स्वभाव दोषी था या कुछ और, इसके लिए पुलिस भ्रूण का डीएनए टेस्ट करवा रही है।  7 अक्तूबर को प्रतिभा नई दिल्ली आने की बात कहती है तो मनु कानपुर आने की। दोनों कुछ फैसला लेने की चर्चा करते हैं। ये सारी चैटिंग मनु ने प्रतिभा के फोन से तो डिलीट कर दी लेकिन अपने फोन से नहीं कर पाया। शायद उसको लग रहा था कि पुलिस प्रतिभा का फोन तो कब्जे में लेगी लेकिन उसपर कोई शक नहीं करेगा। पुलिस सूत्रों से मिली दोनों के बीच हुई चैटिंग के कुछ अंश इस प्रकार हैं…

(7 अक्तूबर)
प्रतिभा : तुम कहां पहुंच रहे हो, मैं दिल्ली आ रही हूं
मनु : मैं कानपुर आ रहा हूं

मनु : बी रेडी, आईएम कमिंग च्वाइस इज योर्स
(बातचीत से प्रतीत होता है जैसे मनु नहीं चाहता था कि प्रतिभा 7 या 8 अक्तूबर को दिल्ली आए। वह कानपुर आ रहा था और धमकी भरे लहजे में प्रतिभा को तैयार रहने को कहता है)

प्रतिभा : हमेशा तुम्हारी मर्जी चलेगी क्या? सोच के दिमाग से रिश्ता नहीं निभाते
प्रतिभाकल मिलते हैं।

(कोई जवाब न मिलने पर …)
प्रतिभा : 
जब कुछ बोलती हूं तो तुम मेरी फीलिंग्स को नहीं समझते
मनु : आईएम कमिंग, …अपशब्द.. तेरी फीलिंग्स की…अपशब्द

प्रतिभामैं आ रही हूं, जो चाहो करना लेकिन सब क्लियर करना है
मनु :  तुम अब उनके (मायके वालों) के साथ रहो, मायके वालों के लिए अपशब्द
7 अक्तूबर को दोनों में बच्चे को लेकर भी बहस होती है

प्रतिभा : प्यार किया है तो मुझे लेने आओ
(मनु की ओर से कोई जवाब न मिलने पर)
प्रतिभा : मेरे बच्चे को ब्रह्मा भी नहीं छीन सकते
प्रतिभा : जितनी गालियां देनी हैं दे दो, मेरा तो कोई राइट नहीं है

पुलिस हिरासत में मनु की हताशा-निराशा साफ दिख रही थी। बातचीत के दौरान उसके मनोभाव जाहिर हो गए। मनु ने बताया कि वे दोनों साथ में पीसीएस जे की तैयारी करते थे लेकिन प्रतिभा पास हो गई और मैं फेल हो गया। शायद फेल होने के साथ ही मनु के स्वभाव में परिवर्तन शुरू हो गया था। पद की गरिमा के अनुरूप प्रतिभा गंभीर हो रही थी तो मनु और भी बिगड़ैल हो गया था। जब पत्नी को उसकी जरूरत थी तब वह दोस्तों के साथ मौजमस्ती कर रहा था। लापरवाह मनु बच्चे की जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं था तो प्रतिभा नए मेहमान के आगमन को लेकर बहुत उत्साहित थी।

मायके वालों के दखल का शक
मनु को शक था कि प्रतिभा के जीवन में उसके मायके वालों का दखल बढ़ रहा है। इस शक ने भी दोनों के गृहस्थ जीवन में जहर घोलना शुरू कर दिया था। वहीं प्रतिभा के पिता ने बताया उनका दामाद खुद उनके परिवार वालों को प्रतिभा से मिलने नहीं देता था। शायद यही शक दोनों के जीवन में जहर घोल रहा था। हालांकि पुलिस पति, पत्नी अाैर वाे के एंगल से भी मामले की पड़ताल कर रही है।

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