जानें झारखंड में कब होंगे विधानसभा चुनाव, पढ़े पूरी खबर

Jharkhand Assembly Election 2019 हरियाणा (Haryana) और महाराष्ट्र (Maharashtra) में शनिवार को चुनावों की घोषणा के बाद अब झारखंड के नेताओं की नजरें एक बार फिर से चुनाव आयोग (Election Commission of India) पर टिक गई हैं। झारखंड में 5 जनवरी 2020 को चतुर्थ विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है। पहले उम्‍मीद की जा रही थी कि इन दोनों राज्‍यों के साथ ही झारखंड में भी विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे।

अब भारत निर्वाचन आयोग की ताजा घोषणा से यह स्‍पष्‍ट हो गया है कि झारखंड विधानसभा चुनाव अब नवंबर-दिसंबर में कराए जाएंगे। हालांकि, आयोग ने विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान करने के बाद अब तक झारखंड में चुनाव को लेकर कोई स्‍पष्‍ट संकेत नहीं दिए हैं। कयास यह भी लगाया जा रहा है कि झारखंड में सुरक्षा बलों की उपलब्‍धता के कारण यह चुनाव टाला गया है। झारखंड में अब सुरक्षा इंतजामों को परखकर ही चुनाव आयोग आगे चुनावों की घोषणा करेगा।

बता दें कि 81 सीटों वाली झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी, 2020 को खत्म हो रहा है। वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को 37 सीटें मिली थी। बाद में झाविमो के छह विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। मुख्‍यमंत्री रघुवर दास की अगुआई वाली झारखंड सरकार ने अलग राज्‍य बनने के बाद अपना कार्यकाल पूरा करने वाली पहली सरकार होने का तमगा हासिल किया है।

झारखंड में अब नवंबर-दिसंबर में चुनाव

निर्वाचन आयोग ने शनिवार को नई दिल्ली में हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव कराने की घोषणा की जिसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि झारखंड में चुनाव समय पर ही होगा। इसके साथ उन तमाम कयासों पर विराम लग गया है जिसके अनुसार महाराष्ट्र और हरियाणा के साथ झारखंड में भी चुनाव की घोषणा हो सकती थी। अब यह तय हो चुका है कि राज्य में नवंबर-दिसंबर में मतदान होगा और एक बार फिर दिसंबर में नई सरकार का गठन भी हो जाएगा। अलग राज्य बनने के बाद पहली बार कोई सरकार अपना कार्यकाल पूरा करने जा रही है। इसके पूर्व बनी तमाम सरकारें गठबंधन टूटने के कारण बदलती रही हैं।

तमाम कयासों को पर विराम, दिसंबर में पूरा हो रहा है रघुवर सरकार का कार्यकाल

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने एक दिन पूर्व ही वीडियो कांफ्रेंसिंग कर अधिकारियों को चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा था। तैयारियां लगभग पूरी भी हो चुकी हैं लेकिन चुनाव की तिथियां दूर होने से पूरी टीम को समय मिल गया है। आयोग इस बार विधानसभा चुनाव में लोगों को लाइन में लगने की परेशानी से बचाने के लिए टोकन व्यवस्था भी लागू करा रहा है ताकि लोग टोकन लेकर निर्धारित समय पर आकर मतदान कर सकें।

28 दिसंबर को रघुवर ने ली थी शपथ

झारखंड में पिछले विधानसभा चुनाव का परिणाम 23 दिसंबर 2014 को आया था और पूर्ण बहुमत मिलने के बाद रघुवर दास का नेता के रूप में चयन हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री के तौर पर रघुवर दास ने 28 दिसंबर 2014 को शपथ ली थी और इस हिसाब से उनका कार्यकाल दिसंबर 2019 तक है। अभी चुनाव कराने से रघुवर दास भी पांच साल पूरा करने से लगभग एक महीने के लिए वंचित हो जाते।

गैर आदिवासियों के लिए डगर मुश्किल नहीं

झारखंड में कहा जाता था कि गैर आदिवासियों के लिए राजनीति की डगर मुश्किल है लेकिन हुआ ठीक इसके विपरीत। अलग राज्य बनने के बाद से सिर्फ आदिवासी नेताओं को ही मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट किया गया और उन्हें आगे रखकर ही चुनाव हुए। पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी से लेकर अर्जुन मुंडा, शिबू सोरेन, हेमंत सोरेन आदि कोई भी पांच साल पूरा नहीं कर सका। 2014 में पहली बार गैर आदिवासी मुख्यमंत्री बने रघुवर दास के नाम यह उपलब्धि जाती है।

झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए अब आगे ये हैं विकल्प

  1. नवंबर-दिसंबर में चुनाव कराए जाएंगे।
  2. नक्‍सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा इंतजामों को परखने के बाद चुनाव आयोग इसकी घोषणा करेगा।
  3. सुरक्षा बलों की उपलब्‍धता के हिसाब से एक से अधिक चरणों में चुनाव कराया जाएगा।
  4. 5 जनवरी 2020 तक चतुर्थ विधानसभा का कार्यकाल समाप्‍त होने के पहले नई सरकार का गठन किया जाना है।

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