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जे एन यू विवाद: वी सी ने कहा,हमे गैरकानूनी तरीके से बनाया गया बंधक

    पिछले पांच दिन से लापता छात्र नजीब अहमद को लेकर बुधवार देर रात जेएनयू में छात्रों का गुस्‍सा फूट पड़ा। बड़ी संख्‍या में छात्रों ने कैंपस में जमकर नारेबाजी की साथ ही कुलपति तक को बंधक बना लिया। जेएनयू के कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने बताया कि उन्हें दोपहर 2.30 बजे से छात्रों ने बंधक बनाया हुआ है। उनके साथ एक महिला सहयोगी भी बंद है, जिसकी तबियत ठीक नहीं है।

इसे लेकर कुलपति ने गुरुवार को एक न्‍यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि हमें छात्रों ने गैर कानूनी तरीके से बंधक बनाया है, यह दुर्भायपूण हैं। हम भी लापता छात्र को लेकर चिंतित हैं और पुलिस से बात की है लेकिन हमें बंधक बनाना गलत है।

उन्‍होंने आगे कहा कि हमें छात्रों ने बुधवार दोपहर 2.30 बजे से घेर रखा है और किसी से नहीं मिलने दे रहे हैं। अधिकारियों को जमीन पर सोना पड़ा और खाने के लिए भी कुछ नहीं मिला है। छात्रा अधिकारियों की पत्नियों को भी अंदर नहीं आने दे रहे हैं। छात्र काम में बाधा ना डालें लेकिन वो हमारी बात नहीं सुन रहे। हम छात्र नजीब से अपील करते हैं कि वो वापस यूनिवर्सिटी लौटे।

इस बीच मामले को गंभीरता से लेते हुए गृह मंत्रालय ने दिल्‍ली कमिश्‍नर से मामले में रिपोर्ट मांगी है वहीं जेएनयू छात्रसंघ ने नजीब के गायब होने में हाथ होने से साफ इन्‍कार किया है।

बता दें कि पिछले 6 दिनों से गायब छात्र नजीब को लेकर उग्र छात्रों ने बुधवार देर रात वीसी और अन्य अधिकारियों का घेराव करते हुए उन्‍हें बंधक बनाया हुआ है। उनका आरोप है कि नजीब की खोजबीन को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। आक्रोशित छात्र प्रशासनिक ब्लॉक के आगे जमीन पर लेट गए हैं।

छात्रों का कहना है कि अधिकारी उन पर चल कर ही आगे जा सकते हैं। जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष मोहित पांडेय का कहना है कि हमने किसी अवैध रूप से बंधक नहीं बनाया है। बिजली और खाने सहित सभी बुनियादी सुविधाएं बहाल हैं। वहीं जेएनयू कैंपस के बाहर पुलिस भी तैनात है। उन्हें अंदर जाने के लिए जेएनयू प्रशासन की मंजूरी का इंतजार है।

जेएनयू में सुरक्षा इंतजाम होंगे पुख्ता, जांच जारी

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक बार फिर छात्र नजीब अहमद को खोजने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। बुधवार को कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने जेएनयू के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक प्रेसवार्ता में मीडिया को बताया कि इस मामले में एक आंतरिक जांच प्रॉक्टर के निर्देशन में चल रही है। कैंपस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नजीब अहमद को खोजना हमारी प्राथमिकता है।

कुलपति ने बताया कि जेएनयू कैंपस में सभी गेटों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाए जाएंगे। डीन स्टूडेंट वेलफेयर ने सभी हास्टल में जांच के आदेश दिए हैं। आवासीय कमरों में भी नजीब की पहचान और उसे खोजने से संबंधित पर्चे दिए जा रहे हैं।

रेक्टर एक, प्रो.चिंतामणि महापात्रा ने कहा कि जेएनयू में इस तरह के मामले काफी कम होते हैं। हमने सुरक्षा एजेंसी सहित तमाम विभागों को लिखित निर्देश दिए हैं। दिल्ली पुलिस सहित अन्य एजेंसियां उसे ढूंढने में लगी हैं। उन्होंने कहा कि हमने नजीब के परिवारवालों से भी बात की है। पुलिस भी हर तरह की अपडेट हमें दे रही है।

उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में नजीब ने स्वयं स्वीकारा कि उसने थप्पड़ मारा है हमने इस मामले की जानकारी पुलिस को भी दी है। यह सांप्रदायिक मामला नहीं है। हम नजीब से भी अपील करते हैं कि वह वापस आए जाए हम सब उसकी हर संभव मदद करेंगे।

जेएनयू के प्राक्टर प्रो.एके डिमरी ने बताया कि 14 अक्टूबर की घटना के बाद हमने 12 लोगों को नोटिस देकर उनको 21 अक्टूबर को प्रस्तुत होने के लिए कहा है। इसमें एबीवीपी के नेता सौरभ कुमार भी हैं। जेएनयू प्रशासन सभी पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है। डीन स्टूडेंट वेलफेयर ने बताया कि सभी हॉस्टलों की जांच हुई है और अन्य स्थानों पर भी तलाशा जा रहा है।

गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी का एक छात्र नजीब अहमद 15 अक्टूबर से लापता है। नजीब अहमद जेएनयू में बायोटेक्नोलॉजी का छात्र है। आरोपों के मुताबिक 14 अक्टूबर को माही मांडवी हॉस्टल में एबीवीपी के एक छात्र के साथ उसकी झड़प हुई, जिसके अगले दिन से वो लापता है। एबीवीपी ने लापता छात्र पर ही मारपीट का आरोप लगाया है।

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