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तेज धूप अभी से दिला रही मार्च की गर्मी का एहसास!

लखनऊ। सूबे में फरवरी के अन्तिम सप्ताह में ही लोगों को मार्च की गर्मी का एहसास होने लगा है। जनवरी के अंत में कोहरे और गलन वाली सर्दी का एहसास होने के बजाए दिन में ही न्यूनतम तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है। केवल रात में सामान्य रूप से सर्द हवाओं के कारण ठण्ड का एहसास बाकी है। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को राजधानी लखनऊ का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेलिसयस के आसपास बना रहेगा। इसी तरह पड़ोसी जनपद कानपुर का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री व अधिकतम 26 डिग्री दर्ज होने की सम्भावना है। इसी तरह बांदा का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने की सम्भावना है। इसके अलावा झांसी का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री व अधिकतम 22 डिग्री, वाराणसी का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री व अधिकतम 27 डिग्री, मेरठ का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 22 डिग्री, बरेली का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री व अधिकतम 23 डिग्री, इलाहाबाद का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री व अधिकतम 27 डिग्री, आगरा का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री व अधिकतम 22 डिग्री और गोरखपुर का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री व अधिकतम तापमान 26 डिग्री, अलीगढ़ का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री और अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। राजधानी सहित पूरे प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे पारे का आलम यह है कि बीते चौबीस घण्टों में लगभग सभी जगह न्यूनतम तापमान में इजाफा दर्ज किया गया। इनमें अलीगढ़ का अधिकतम तापमान तो 29.3 जा पहुंचा, जबकि बुन्देलखण्ड के बांदा में यह 29.0 डिग्री और झांसी में 28.01 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा आगरा में 27.5, वाराणसी में 27.0 डिग्री, बरेली में 26.1 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी लखनऊ में बीते चौबीस घण्टों में अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री, मेरठ में 25.9 डिग्री और कानपुर में 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ों पर बर्फबारी में अब कमी आ रही है, इस वजह से जहां न्यूनतम तापमान में इजाफा हो रहा है, वहीं पछुआ हवाएं भी तापमान में वृद्धि कर रही हैं। इसके अलावा उत्तर पूर्व अफगानिस्तान और उसके आस-पास पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण अगले 24 घण्टों में मौसम में इसका असर देखने को मिल सकता है। वहीं मध्य पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में भी चक्रवाती स्थिति पैदा हो रही है। इस वजह से पश्चिमी राजस्थान इससे प्रभावित होगा और पूर्वी बांग्लादेश और आसपास के इलाकों में भी चक्रवाती स्थिति का असर यहां के मौसम पर पड़ सकता है।

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