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फर्जी कॉल सेंटर्स का मास्टर माइंड गिरफ्तार, मुंबई

मुंबई. फर्जी कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकियों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले जगदीश कनानी को अरेस्ट कर लिया गया है। 32 साल के जगदीश को रविवार रात मुंबई के बोरीवली इलाके से पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे स्कैम में मास्टरमाइंड जगदीश ही था। ठगी की ये ट्रिक वह विदेश से सीखकर आया था। बता दें कि ये लोग अपने कॉल सेंटर्स के जरिए अमेरिका में टैक्स डिफॉल्टर सिटिजन्स से करोड़ों रुपए वसूलते थे। पुलिस ने इस मामले में 70 से ज्यादा लोगों को अरेस्ट किया है।
जगदीश कनानी एक बिजनेसमैन है और इसके अहमदाबाद, गुड़गांव और मुंबई में ऑफिस हैं।
– जगदीश पहले विदेशों में बीपीओ में काम करता था। इसने वहीं से आउटसोर्सिंग के जरिए कलेक्शन की प्रॉसेस समझी थी। भारत आकर कई शहरों में कॉल सेंटर बनाए।
– इस स्कैम में अरेस्ट लोगों से पूछताछ में जगदीश कनानी का नाम सामने आया। पुलिस का कहना है कि इससे इस स्कैम में और खुलासा हो सकता है।
एक महिला की भी मौत हुई थी
– कॉल सेंटर ठगी मामले में एक बुजुर्ग अमेरिकी महिला की मौत की बात सामने आई है।
– महिला को कॉल सेंटर के एक इम्प्लॉई ने धमकी दी थी जिससे उसे गहरा सदमा पहुंचा था।
– ठाणे पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने बताया कि जब्त कॉल रिकॉर्ड की हार्ड डिस्क्स की स्कैनिंग से जांच टीम को यह जानकारी मिली है।
6500 अमेरिकियों से एक साल में करीब 239 करोड़ रुपए ठगे
– बताया जाता है कि इन कॉल सेंटर्स ने करीब 6500 अमेरिकियों से 239 करोड़ रुपए ठगे हैं।
– गिरफ्तारी से बचने के लिए अमेरिकी 500 से 60,000 डॉलर (करीब 33 हजार से 39.92 लाख रुपए) तक देने को तैयार हो जाते थे।
– छापेमारी में लैपटॉप, हार्ड डिस्क, हाई एंड सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किए गए हैं।
70 अरेस्ट, 700 इम्प्लॉइज पर केस दर्ज
– पुलिस ने इस मामले में अब तक 9 कॉल सेंटर्स के 70 इम्प्लॉइज को अरेस्ट किया है, जबकि 700 इम्प्लॉइज पर केस दर्ज किया गया है।
– गिरफ्तार लोगों में मैनेजर्स, कॉल टेकर्स, स्ट्रोक होल्डर्स और कॉल क्लोजर्स शामिल हैं।
– 630 इम्प्लॉइज पर आईपीसी के सेक्शन 384 (जबरन वसूली), 419 (गलत पहचान बताकर धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी), 34 के अलावा आईटी एक्ट और इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत के केस दर्ज किया गया है।
– सभी आरोपी 20 से 30 साल की उम्र के हैं। इनमें 20 से 30 फीसदी लड़कियां हैं।
रोजाना 1 से 1.5 करोड़ रुपए की करते थे कमाई
– कॉल सेंटर्स के इम्प्लॉइज अमेरिकी लहजे में इंग्लिश बोलकर लोगों को फंसाते थे।
– ये पहले अमेरिकी टैक्स डिफॉल्टर सिटिजन्स की डिटेल्स हासिल करते थे। फिर टैक्स ऑफिसर बनकर उन्हें फोन पर धमकाते थे और ठगी करते थे।
– ये कॉल सेंटर्स इसी तरीके से रोजाना करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए की कमाई कर रहे थे। इनकी सालाना कमाई करीब 300 करोड़ रुपए थी।
– पुलिस ने बताया कि कॉल सेंटर्स की आड़ में ये रैकेट एक साल से ज्यादा समय से एक्टिव था।
 कैसे अमेरिकियों को फंसाते थे अपने जाल में…
 फोन पर कहते थे- जल्दी बैंक अकाउंट डिटेल्स बताओ नहीं तो जेल में सड़ोगे…
– ”हैलो…। मैं यूएस टैक्स डिपार्टमेंट से बोल रहा हूं…। आप टैक्स डिफाल्टर हैं। आप के फाइनेंशियल और बैंक अकाउंट्स की डिटेल चाहिए… जल्द बताइए नहीं तो टैक्स चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिए जाओगे। मुकदमा चलेगा और जेल में सड़ोगे।”
– ये रटा-रटाया डायलॉग मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में चलने वाले फर्जी कॉल सेंटर्स के इम्प्लॉइज का था। इन कॉल सेंटर्स पर मंगलवार रात छापा मारा गया जो बुधवार सुबह तक जारी रहा।
– ठाणे के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इम्प्लॉइज अमेरिकी सिटिजन्स को फोन कर खुद को यूएस टैक्स डिपार्टमेंट के ऑफिशियल्स बताते थे, जो भारत के इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जैसा ही है।
– “कॉल सेंटर्स के इम्प्लॉइज अमेरिकी सिटिजन्स से उनके फाइनेंशियल और बैंक डिटेल्स मांगते थे। जब अमेरिकी सिटिजन्स इन्हें देने में आनाकानी करते थे तो ये टैक्स चोरी के लिए उन पर मुकदमा करने की धमकी देते थे। साथ ही, कानूनी कार्रवाई समेत गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी भी देते थे।”
पहले नजर रखी, फिर कार्रवाई की
– पुलिस के मुताबिक, फाइनेंशियल डिटेल मिल जाने पर कॉल सेंटर्स के इम्प्लॉइज अमेरिकी लोगों के अकाउंट से पैसे निकाल लेते थे।
– ये कॉल सेंटर्स इस तरह के हथकंडों से रोज 1 करोड़ रुपए से भी ज्यादा कमा रहे थे।
– इस बारे में शिकायत मिलने के बाद कॉल सेंटर्स के इम्प्लॉइज पर पहले नजर रखी गई। फिर मंगलवार रात को छापे मारे गए।
– छापे की कार्रवाई को 200 पुलिस पर्सनल्स ने अंजाम दिया। इनमें 40 क्राइम ब्रांच से हैं।

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