भारत में हर मिनट होते हैं 1852 साइबर अटैक, साइबर हमले में दिल्ली-मुंबई टॉप पर

देश में आज हर व्यक्ति डिजिटल क्रांति (Digital Revolution) का हिस्सा बन रहा है. लेकिन, देश के लोग जितना डिजिटली एडवांस हो रहे हैं उन पर साइबर अटैक (Cyber Attack) का खतरा भी बढ़ रहा है. भारत ही नहीं दुनिया भर में साइबर अटैक का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ रहा है. किसी दूर देश में बैठकर आपके मोबाइल (Mobile), कंप्यूटर, लैपटॉप में सेंध लगाकर आपको लाखों-करोड़ों की चपत लगाई जा रही है. आप जानकर हैरान हो जाएंगे के दिनभर में हर मिनट 1852 साइबर अटैक हो रहे हैं. साइबर हमलों के निशाने पर देश के 4 बड़े शहर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता शहरों को सबसे ज्यादा साइबर हमले (Cyber Attack) झेलने पड़ रहे हैं. बड़ी बैंकिंग (Banking) और फाइनेंशियल कंपनियों को हर दिन हजारों साइबर हमले झेलने पड़ रहे हैं.

भारत में फाइनेंशियल लेनदेन के लिए भीम, गूगल पे, फोनपे और पेटीएम (paytm) जैसे कई सारे एप्स का इस्तेमाल हो रहा है. ऐसे में बैंकों पर साइबर अटैक का सबसे बड़ा खतरा है. साइबर सिक्योरिटी रिसर्च (Indian Cyber Security) की साल 2019 की एनुअल थ्रेट रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018 में पूरी दुनिया में करीब 20 लाख साइबर हमले हुए और इस वजह से 3,222 अरब रुपये का नुकसान हुआ है.

गुरुग्राम (Gurugram) के रहने वाले डीके जोशी और परिवार 23 जुलाई के मनहूस दिन को याद कर दुखी हो उठते हैं. महज एक फोन कॉल के जरिए उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई कोई अनजान शख्स लूट गया. डी के जोशी, NHPC से रिटायर्ड हैं और अभी नेपाल के लिए हाइड्रो पॉवर के कंसलटेंट के तौर पर काम करते हैं. इनके बैंक में रखे 5 लाख रुपए एक झटके में बैक अकाउंट से निकल गए. डी के जोशी के मोबाइल पर लगातार बैंक अकाउंट से मैसेज आ रहे थे. 20 जुलाई को आखिरी बार paytm की KYC डिटेल अपडेट करने के लिए मैसेज आया. जोशी इन मैसेज को इग्नोर करते रहे लेकिन 23 जुलाई को 11.15 मिनिट पर उन्हें एक फोन कॉल आया. खुद को paytm प्रोबिजनरी ऑफिसर बताकर paytm अपडेट कर देने का झांसा दिया. सबसे पहले जन्म की तारीख मांगी उसके बाद फोन का मॉडल पता लगाकर उसमें क्विक सपोर्ट डाउनलोड करवाकर KYC करवाया. असके बाद डी के जोशी के मोबाइल का कंट्रोल झांसा देने वाले शख्स के पास चला गया. फोन पूरी तरह हैक हो गया था. रिमोट एक्सेस के जरिए सारे ओटीपी उस शख्स के पास जाने लगे और उसी दिन डी के जोशी के अकाउंट से 5,34,886 रुपए निकल गए.

जोशी के बैंक अकाउंट से पैसे अलग-अलग बैंकों के अकाउंट में ट्रांसफर किया गया. डी.के.जोशी ने बताया “ठगे जाने के फौरन बाद icici बैंक गए और अकाउंट को ब्लॉक करवा दिया. 24 जुलाई को सुबह 8:40 पर SBI बैंक से मैसेज आया कि UPID से लिंक थे. पहले 34000 गए फिर 26000 गए. कोई OTP नहीं आया. उसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा से मैसेज आया कि 20000, 19999, 10000 निकल गए. जोशी ने कमिश्नर फरीदाबाद में शिकायत की जिसके बाद केस साइबर सेल फरीदाबाद के पास जांच के लिए पहुंचा. इस बीच 26 जुलाई को icici बैंक ने पीड़ित को 100000 रुपए उनके अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए थे.”

जोशी परिवार के साथ हुई य़ह घटना इन दिनों आम है. इस परिवार की तरह ही देश भर के करोड़ों भारतीय साइबर हमले के मकड़जाल में फंस रहे हैं. साइबर अपराधी और धोखाधड़ी करने वाले लगातार तकनीकी कमजोरियों का फायदा उठाकर धोखे को अंजाम दे रहे हैं और लोगों से पैसों की वसूली कर रहे हैं. इस साल अब तक हुए साइबर अटैक से देश को चार बड़े महानगरों दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता सबसे ज्यादा अफैक्ट हुए हैं.

इंडियन साइबर सिक्योरिटी रिसर्च (Indian Cyber Security) की साल 2019 की एनुअल थ्रेट रिपोर्ट की मानें तो…
– विंडोज़ डिवाइसेज़ में पिछले साल 9 लाख 73 हज़ार साइबर अटैक हुए.
– साइबर अटैक से दुनिया को 3,222 अरब रुपये का नुकसान हुआ
– हैकर्स की पहली पसंद बैंक है
– इसका मतलब पूरे साल हर मिनट 1,852 विंडोज़ डिवाइस साइबर अटैक से इफेक्ट हुईं
– भारत में  साइबर अटैक ट्रोजन्स वायरस (Trojans) से किए गए
– इसमें दूसरे नंबर पर स्टैंडअलोन (Standalone) और तीसरे पर इंफेक्टर्स (Infectors) है, जिससे 2019 में भारत में साइबर हमले किए गए.
– वहीं रैंसमवेयर से हर 14 मिनट में एक कंप्यूटर टार्गेट किया गया है. हैकर्स सबसे ज्यादा रैंसमवेयर अटैक्स कर रहे हैं और इस रैंसमवेयर अटैक की वजह से ही फाइनेंशिंयल सेक्टर को 60 फीसदी का चूना लगा है
– रैंसमवेयर अटैक साइबर अटैकर की पहली पसंद है और साल 2018 में इस अटैक से पूरी दुनिया में 6 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. वहीं इंटरनेट सोसाइटी ऑनलाइन ट्रस्ट अलाइंस की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2021 तक रैंसमवेयर अटैक से 20 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है
– साइबर अटैक करने वाले 10 टूल में से 6 ट्रोजंस वायरस के हैं
– वहीं एंड्रॉयड फोन कम से कम हर तीन मिनट में साइबर हमले झेल रहा है

साइबर अटैक एक्सपर्ट जतिन जैन के मुताबिक, “साइबर अटैकर्स ज्यादातर क्रेडिट कार्ड क्लोनिंग, डीडीओएस अटैक, वैनाक्राई, पहचान की चोरी (आइडेंडिटी थेफ्ट), सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करके आपके पैसों को गायब कर रहे हैं. साइबर अटैक के लिए हैकर्स आए दिन नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं.”

साइबर अटैक के बढ़ते नंबर यह बताने के लिए काफी हैं कि भारत की राजधानी और आर्थिक राजधानी को टार्गेट कर भारत को फाइनेंशियल रूप से अटैक करने की साजिश लगातार हो रही है. मिनिस्टर ऑफ स्टेट, होम कृष्णा रेड्डी ने कहा है, “सरकार के लिए साइबर हमले बड़ी चुनौती बने हुए हैं और इसे लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. जल्द ही गृह मंत्रालय में भी सायबर सेल बनाया जाएगा.”

जाहिर है, आप मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हों या लैपटॉप. आप साइबर अटैक के शिकार हो सकते हैं. ऐसे में लोगों के लिए बेहतर है कि फोन में कोई थर्ड पार्टी एप इंस्टॉल ना करें. इसके अलावा ई-मेल या मैसेज के रूप में आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक ना करें. साइबर अटैक से बचने का एक ही तरीका है और वह है सतर्कता.

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