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राज्यपाल गो बैक के लगे नारे, VC के भाषण का विरोध…

दुमका (झारखंड)।  दुमका के सिदो कान्हू मुर्मू यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में स्ट्डेंट्स ने राज्यपाल गो बैक के नारे लगाए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने वीसी डॉ. कमर असहन के भाषण का भी विरोध किया।

छात्र को पुलिस ने लिया हिरासत में…

– दीक्षांत समारोह में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू चीफ गेस्ट थीं। राज्यपाल जब टॉपरों को मेडल और सर्टिफकेट दे रही थीं तो छात्रों ने राज्यपाल गो बैक के नारे लगाए।

– वहीं जब वीसी भाषण देने आए तो छात्रों ने उनका विरोध किया। इसी बीच पुलिस ने विरोध करने वाले छात्रों को हिरासत में ले लिया।

– दिग्घी में विश्वविद्यालय के शिफ्ट होने के बाद यह पहला अवसर था जब यहां दीक्षांत समारोह किया गया। दीक्षांत समारोह के लिए भव्य पंडाल बनाया गया था। आकर्षक साज-सज्जा की गयी।

– समारोह में विश्वविद्यालय के कुल 43 हजार छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ने पीएचडी स्नातकोत्तर स्तर के प्रमाण पत्रों का वितरण किया।

– दीक्षांत समारोह में कुल 1 हजार 43 डिग्रियां बांटी गईं। शेष डिग्रियां सभी कालेजों में समारोह आयोजित कर छात्रों को प्रदान किया जाएगा।

डिग्री पाना ही जीवन का एक मात्र उद्देश्य नहीं : राज्यपाल

– दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के अमर वीर सेनानी सिदो एवम कान्हु, दो भाइयों के नाम पर स्थापित इस सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनकर अपार प्रसन्नता हो रही है।

– सिदो तथा कान्हु ने चांद एवं भैरव के साथ मिलकर ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति दी थी, जो कि इस क्षेत्र का देश की आज़ादी की लड़ाई में सक्रिय भागीदारी का जीता-जागता उदाहरण है।

– राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान और सूचना तकनीक के विभिन्न अवयवों /आयामों पर ध्यान देकर ही हम विकास की गति को और तेज़ कर सकते हैं।

– उन्होंने कहा कि शिक्षा में जाति, लिंग और वर्ग को बाधक नहीं बनना चाहिए। शिक्षा से ही लोगों में जागृति आ सकती है तथा समाज कुरीतियों का भी पूरी तरह से समाज से अंत हो सकता है।

– राज्यपाल ने कहा कि आज का युग प्रतियोगिता का युग है। शिक्षक विद्यार्थियों को वैसी शिक्षा दें, जैसा कि खुद की संतान के लिये सोचते हैं।

– शिक्षक का असली सम्मान उनके सफल छात्र ही हैं। शिक्षण संस्थानों की यह कोशिश होनी चाहिये कि विद्यार्थी एक सामाजिक, देशभक्त और कुशल नागरिक के रूप में विकसित हों। उन्होंने कहा कि डिग्री पाना ही जीवन का एक मात्र उद्देश्य नहीं होना चाहिए ।

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