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…..तो विदाई के महज़ 15 मिनट बाद हीं दुल्हन वापस आई घर, फिर….

बयाना. बीमारी की जानकारी छिपाना कैसे भारी पड़ सकता है। इसका नजारा बुधवार को बयाना में देखने को मिला। जब विदाई के दौरान दूल्हे को दौरा आया तो दुल्हन ने साथ जाने से इनकार कर दिया। आखिरकार बारात बैरंग लौटी। घटना सुबह करीब 7.45 बजे की है। शाम तक समझाइश का दौर चला पर दुल्हन के परिजन उसे भेजने के लिए तैयार नहीं हुए। परिजनों के बीच निर्णय हुआ कि दूल्हे की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में यह प्रमाणित हुआ कि दौरा मिर्गी का आया है तो दुल्हन को विदा नहीं किया जाएगा।

जानें क्या है पूरा मामला…

– शिक्षक द्वारिका धाकड़ की बेटी द्रोपदी की शादी खूबीराम धाकड़ के पुत्र अविनाश के साथ तय हुई थी। तय समय पर मंगलवार को बारात पहुंच गई।

– द्रोपदी तीन भाइयों की छोटी बहन होने के साथ ही पिता की अकेली बेटी थी।

– पूरा परिवार बारात के आवभगत में लगा था। मैरिज होम पूरे परिवार की खुशियां देखते ही बनती थीं।

– शाम से लेकर रातभर चले शादी के मांगलिक कार्यक्रम चले। सुबह से ही विदाई की तैयारियां शुरू हो गईं।

– सुबह करीब 7.30 बजे भाई, मां-पिता और परिजनों ने विदा कर दिया। विदा करने के करीब 15 मिनट बाद ही ऐसी खबर आई कि पूरे परिवार सकते में आ गया।

– हुआ ये कि बयाना के बाहर मीराना तिराहा तक बारात निकली भी नहीं थी और दूल्हा को दौरा आ गया। कार में ही दूल्हा बेहोश हो गया।

– कार में सिमटी बेटी दुल्हन ने तत्काल अपने मोबाइल से परिजनों को घटना की जानकारी दी।

– बेटी का फोन आते ही पूरा परिवार और परिजन चौराहे की ओर दौड़ पड़े। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्र हो गए। कार से दुल्हन को उतार कर घर भेज दिया गया।

बारात की बस को रोक शादी में दिया दहेज का सामान भी उतारा

– दूल्हे को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। बारात फिर से मैरिज होम में पहुंच गई।

– बयाना में प्राथमिक उपचार के बाद दूल्हे को आरबीएम रेफर कर दिया गया।

– वधु पक्ष का कहना था कि लड़के को मिर्गी दौरों की बीमारी है इस कारण वे लड़की को नहीं भेज सकते।

– साथ ही पंचायत समिति तिराहे पर बारात की बस को भी रोक लिया गया तथा वधु पक्ष ने शादी में दिए गए सामान फर्नीचर व अन्य सामान को बस से उतार लिया।

– सामान उतारते ही दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई।

एमए तक पढ़ी है दुल्हन

– दुल्हन को घर भेजने के बाद दोनों पक्षों के रिश्तेदारों में बातचीत का दौर शुरू हो गया।

– मामा-फूफा, सगे संबंधियों के बीच वार्ताओं का दौर चला। ऐसे में कुछ ने गुस्सा दिखाया तो कुछ ने दुल्हन से बात करने की बात कही।

– आखिर तक भी दुल्हन और उसके परिजन बेटी भेजने के लिए तैयार की नहीं हुए। द्रोपदी एमए तक पढ़ी है।

– मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच दिनभर चली सामाजिक वार्ता में फिलहाल दुल्हन को विदा नहीं करने तथा दूल्हे के मेडिकल चेकअप रिपोर्ट के बाद ही आगे निर्णय किए जाने पर सहमति बनी।

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