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सर्जिकल स्ट्राइक पर कांग्रेस को गर्व क्यों नहीं होता: शाह

नई दिल्ली.राहुल गांधी के मोदी के बारे में दिए बयान पर बीजेपी ने शुक्रवार को एतराज जताया। अमित शाह ने कहा, ”सर्जिकल स्ट्राइक पर पूरा देश और बीजेपी गर्व महसूस करती है। आपको भी होना चाहिए, लेकिन आपको आपत्ति है तो आपके मूल में ही खोट है। जवानों के खून की दलाली की बात करके राहुल ने सेना की वीरता का अपमान किया है। मैं राहुल से पूछना चाहता हूं कि शहादत की दलाली कैसे होती है? राहुल को आलू की फैक्ट्री पर ही ध्यान देना चाहिए। उनकी किसानों पर समझ इसी तक सीमित है।”
शाह ने कहा- दलाली तो कोयला-बोफोर्स में हुई…
– यूपी में किसान यात्रा खत्म कर दिल्ली पहुंचे राहुल ने गुरुवार रात कहा था, “जो हमारे जवान हैं, जिन्होंने अपना खून दिया है जम्मू-कश्मीर में, जिन्होंने हिंदुस्तान के लिए सर्जिकल स्ट्राइक किया है, उनके खून के पीछे आप छुपे हुए हो। उनकी आप दलाली कर रहे हो। ये बिल्कुल गलत है। हिंदुस्तान की सेना ने हिंदुस्तान का काम किया है। आप अपना काम कीजिए।”
– जब बयान की अलोचना हुई तो राहुल ने ट्वीट कर सफाई में कहा, ”मैं सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के सपोर्ट में हूं। इसकी निंदा नहीं करता हूं, लेकिन राजनीतिक पोस्टरों में सेना का इस्तेमाल गलत है।”
– बता दें कि कुछ दिन पहले ही राहुल ने सर्जिकल स्ट्राइक पर मोदी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि मोदी ने ढाई साल में पहली बार पीएम जैसा काम किया।
अमित शाह ने और क्या कहा?
खुशी
– अमित शाह ने कहा, ”सर्जिकल स्ट्राइक के बाद देश की मीडिया ने इसकी सराहना की। इससे सेना का मनोबल बढ़ा है। मीडिया ने आतंकी ठिकानों को लेकर पाकिस्तान को एक्सपोज किया है। जब सर्जिकल स्ट्राइक पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए तो खोजी पत्रकारों ने सरहद के उस पार की सच्चाई सामने लाई।”
– “सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर पूरा देश और बीजेपी गर्व महसूस करती है।”
दलाली
– ”सेना के ऑपरेशन पर कुछ पार्टियों ने सवाल उठाए। बीजेपी इसकी निंदा करती है। सेना की वीरता पर सवालिया निशान लगाने वालों ने शहीदों का अपमान किया है। सर्जिकल स्ट्राइक पर ऐसे बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं।”
– ”केजरीवाल ने सबसे पहले स्ट्राइक के सबूत मांगे थे, जिसके बाद पाकिस्तान में #PakStandsWithKejriwal और #KejriwalSupportPakistan ट्रेन्ड में आया। आप समझ सकते हैं कि उनके बयान का क्या असर पड़ा है।”
– ”राहुल किस चीज की दलाली की बात कर रहे हैं? कोयला और बोफोर्स में किसने दलाली की? दलाली शब्द कांग्रेस के दिमाग में पहले से है। मैं राहुल से पूछना चाहता हूं कि शहादत की कैसे दलाली होती है? उनके बयान से सेना का मनोबल कम हुआ है।”
– ”मोदीजी को कभी मौत के सौदागर, कभी जहर की खेती करने वाला और अब खून की दलाली करने वाला बताया है। जब मौत के सौदागर कहा तो हम जीतकर आए। जब जहर की खेती की बात तब भी हम जीते।”
किसान
– ”हम बयानों पर नहीं, सेना की बुलेट पर भरोसा करते हैं। हमारी सरकार हर मौके पर सेना के साथ खड़ी है। कांग्रेस हम पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है। 1971 की लड़ाई के बाद अखबार खोल कर देख लें, हमारे नेताओं ने कोई बयान नहीं दिया। राहुल को बड़े मुद्दों पर बयान देने के बजाय आलू की फैक्ट्री पर ध्यान देना चाहिए।”
– ”राहुल के बयान की निंदा करता हूं। दलाली शब्द को कांग्रेस अपने पास ही रखे। हम जय जवान वाले लोग हैं।”
– आपको बता दें कि राहुल गांधी ने हाल ही में अमेठी में किसानों से कहा था, “आप सभी इस इलाके में आलू की फैक्ट्री लगाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन आप लोगों को समझना चाहिए कि मैं विपक्षी नेता हूं। मैं सरकार पर सिर्फ दबाव बना सकता हूं। फैसला नहीं कर सकता। मैं किसानों के लिए आलू की फैक्ट्री नहीं लगा सकता।”
‘कांग्रेस देश के उत्साह के साथ है या पाक की निराशा के साथ?’
– ”यूपी में किसी तहसील अध्यक्ष ने अगर पोस्टर लगा दिया तो इसे बीजेपी का पोस्टर नहीं माना जाना चाहिए। हमारे किसी बड़े नेता ने ऐसा नहीं किया। ये अचीवमेंट सेना का है और दृढ़ इच्छाशक्ति पीएम मोदी की। कांग्रेस सेना के साथ नहीं है। उसे सेना और देश के लोगों के उत्साह के साथ होना चाहिए। लेकिन वह पाकिस्तान की निराशा के साथ नजर आ रही है।”
कांग्रेस की तरफ से सिब्बल ने दिया जवाब
– शाह के बाद कांग्रेस की तरफ से कपिल सिब्बल ने कहा- ‘”जिन्होंने जेल की हवा खाई हो, जो तड़ीपार हुए हो, जिनके खिलाफ मर्डर के केस हो, वो आज हमें बताएगें कि किसके मूल में खोट है? हम नहीं सोचते थे कि बीजेपी इतनी गिर जाएगी।”
– ”जिन्होंने आजादी दिलाई वे (शाह) उनके लिए कह रहे हैं कि उनमें खोट है। अटलजी जिन्हें दुर्गा कहते थे उनके लिए बोल रहे हैं कि उनमें खोट है।”
– ”ये बड़ी बात कह रहे हैं कि आजादी के बाद पहली बार सेना ने LoC पार की, पता नहीं कितना इतिहास जानते हैं। 1965 में क्या मोदी, पर्रीकर और अमित शाह ने LoC पार की थी?”
– ”सेना की कामयाबी पर राजनीति बंद करें, सेना को उसका काम करने दें। पॉलिटिकल प्रोपैगैंडा छोड़ दीजिए। जैसी बयानबाजी हो रही है, वह देश और सेना के लिए सही नहीं है।”
# किसने क्या कहा?
1. अरविंद केजरीवाल:”सेना की शहादत को खून की दलाली बोला है, ये ठीक नहीं है, हम इसकी आलोचना करते हैं। मैं कह चुका हूं कि यह समय ऐसा है जब सरहद पर तनाव है। हमें मतभेद दूर करके सेना के साथ खड़े रहना चाहिए। पीएम देश की सुरक्षा के लिए जो भी कदम उठा रहे हैं, उसमें उनका साथ देना चाहिए।”
2. सुब्रमण्यम स्वामी:”राहुल ने या तो तालीम नहीं ली है या पीएम के खिलाफ ऐसा बयान देने के लिए उनको अपना दिमागी इलाज करा लेना चाहिए।”
3. मायावती:हमें सर्जिकल स्ट्राइक के लिए जवानों को सैल्यूट करना चाहिए। बीजेपी इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश न करे, यह पूरी तरह से गलत होगा।
4. लालू यादव:”सेना को अपना काम करने दें, शक नहीं करना चाहिए। देश की सेना और जनता किसी का भी मुकाबला करने के लिए तैयार है। राहुल ठीक से मैटर को नहीं रख पाए। क्यों कंडेम करूं? केजरीवाल धरती में गड़ते जा रहे हैं। रोज उनका कोई न कोई मंत्री फंसता है।”
कब हुआ था सर्जिकल स्ट्राइक?
– 18 सितंबर को उड़ी में सीमा पार से आए 4 आतंकियों ने आर्मी हेडक्वार्टर पर हमला किया था, जिसमें 19 जवान शहीद हुए थे।
– हमले के 10 दिन बाद (28 सितंबर की रात) आर्मी के स्पेशल फोर्स के 125 कमांडो हेलिकॉप्टर से एलओसी के पास उतारे गए।
– कमांडो रेंगते हुए PoK में घुसे और 4 इलाकों में आतंकियों के 7 कैम्प तबाह कर दिए। इस दौरान 38 आतंकी मारे गए।

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