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साइबर क्राइम में साक्ष्य इकठ्ठा करने की जरुरत क्योंकि अपराधी अपना रहे नए नए तरीके

क्राइम रिपोर्टर

img-20161016-wa0000लखनऊ 16 अक्टूबर ।  आईजी जोन लखनऊ ए सतीश गणेश ने तीन दिनों तक चलने वाली 60वीं उत्तर प्रदेश पुलिस वार्षिक वैज्ञानिक अनुसंधान, पुलिस फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, कम्प्यूटर एवं एंटी सेबोटाज चेक प्रतियोगिता 2016 का 13 अक्टूबर को रिजर्व पुलिस लाइन में फीता काटकर शुभारंभ किया था। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रदेशभर के विवेचनाधिकारी आये थे। तीन दिनों तक चली इस प्रतियोगिता का रविवार को समापन संगोष्ठी भवन रिजर्व पुलिस लाइन में किया गया। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी सुभाष चंद ने प्रदेश भर के प्रतिभागियों को मेडल और प्रसस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। प्रतिभागियों के चेहरे पर सम्मान पाकर ख़ुशी साफ झलक रही थी। कार्यक्रम के दौरान, डीआईजी पीएसी प्रवीण कुमार, आरकेएस राठौर, एसएसपी मंजिल सैनी सहित तमाम अधिकारी और पुलिस कर्मचारी उपस्थित रहे।img-20161016-wa0001

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुभाष चंद ने कहा कि साइबर क्राइम में साक्ष्य इकठ्ठा करने की जरुरत है क्योंकि जिस तरह से साइबर अपराध बढ़ रहा है अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। साइबर थाने दो खुले हैं लेकिन इनसे काम पूरा नहीं हो पा रहा है इसलिए और साइबर थाने खोलने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि 60वीं पुलिस वार्षिक वैज्ञानिक अनुसंधान, पुलिस फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, कम्प्यूटर एवं एंटी सेबोटाज चेक प्रतियोगिता 2016  के अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान पुलिस फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी एवं कंप्यूटर की वर्तमान परिवेश में विशेष आवश्यकता रहती है। उन्होंने बताया फोटोग्राफी, विज्ञान विधि का विवेचनाओं में महत्वपूर्ण योगदान रहता है इसलिए घटना स्थल पर वैज्ञानिक विधि और फोटोग्राफी का प्रयोग अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि घटना स्थल का निरीक्षण होने के पहले घटना स्थल को सुरक्षित बनाए रखना अति महत्वपूर्ण होता है इसकी सभी को जानकारी होनी चाहिए। घटना स्थल पर जैसे फिंगर प्रिंट उठाना, घटना स्थल पर मिले खून का औचित्य और औजार या फिर अन्य साक्ष्य मिल सकता है।

इनको मिली सफलता

एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगिताएं 13 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक 3 दिनों में विभिन्न चरणों में संपन्न हुईं। इस प्रतियोगिता में इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश पुलिस के 8 जोन की टीमों के अतिरिक्त रेडियो, जीआरपी, पीएसी पूर्वी व पश्चिमी जोन सहित 13 जून के प्रतिभागियों ने भाग लिया था। इस प्रतियोगिता के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अपना सहयोग प्रदान किया। वैज्ञानिक अनुसंधान प्रतियोगिता में विजेता गोरखपुर जोन और उपविजेता जीआरपी जोन रहा, पुलिस प्रोफेशनल फोटोग्राफी प्रतियोगिता में विजेता रेडियो जोन, उपविजेता बरेली जोन रहा, कंप्यूटर प्रतियोगिता में विजेता रेडियो जोन उप विजेता पीएसी पश्चिमी जोन रहा, एंटी सेबोटाज चेक परतियोगिता में विजेता पीएसी पूर्वी जोन तथा उप विजेता लखनऊ जोन रहा इसके अलावा वीडियोग्राफी प्रतियोगिता विजेता लखनऊ जोन और उप विजेता रेडियो जोन रहा।

प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि ने मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया। इस प्रतियोगिता के कार्यक्रम में सभी स्पर्धाओं में विजेता एवं उपविजेता टीमों को चल बैजयंती प्रदान करते हुए इस तरह की प्रतियोगिताओं में किए गए प्रयोगों को भी अमल में लाने के लिए जानकारी दी गई। इस प्रतियोगिता के समस्त निर्णय को भी अपर पुलिस महानिदेशक पीएसी ने पुरस्कृत किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ भेंट करके उनका स्वागत किया गया तथा मुख्य अतिथि को सम्मान प्रतीक भी दिया गया। इस अवसर पर पीएसी लखनऊ अनुभाग के पुलिस उप महानिरीक्षक प्रवीण कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक लखनऊ जोन आरकेएस राठौर, एसएसपी लखनऊ मंजिल सैनी,पुलिस अधीक्षक प्रोटोकाल/लाइंस डॉ. अनिल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक एमसीआर दुर्गेश कुमार एवं निदेशक विधि विज्ञान प्रयोगशाला श्याम बिहारी उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी लाइंस ममता कुरील, प्रतिसार निरीक्षक द्वितीय शिशुपाल सिंह के अलावा जिले के वरिष्ठ अधिकारी व सभी टीमों के सदस्य मय कैप्टन/प्रबंधक भी उपस्थित रहे।

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