एक लुटेरा जो बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर लूट को अंजाम दे रहा था

हिमाचल प्रदेश-  एक लुटेरा जो बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर बेवकूफ बना रहा था. बताया जाता है की जोसफ की तलाश कई महीनो से चल रहा है पुलिस के कड़ी निगरानी के बावजूद भी जोसफ को पकड़ना नामुमकिन था. लेकिन जोसेफ भूल गया कि वह डॉन नहीं बल्कि एक मामूली ठग है, ज़िंदगी फिल्म नहीं और न ही उसे पकड़ना नामुमकिन है.

 

 

 

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इसी साल मार्च महीने के आखिर में एक अखबार में विज्ञापन छपा कि एक एनआरआई को ड्राइवर और महिला पर्सनल सेक्रेट्री की ज़रूरत है. यह विज्ञापन देखकर गुजरात के अनिल ने दिए गए फोन नंबर पर बात की तो जोसेफ ने फोन उठाया और अनिल से शैक्षणिक डॉक्यूमेंट, ईमेल और अन्य ज़रूरी दस्तावेज़ भेजने को कहा. नौकरी पाने के लिए अनिल के कहने के अनुसार ये दस्तावेज़ भेजे तो जोसेफ ने उसे इंटरव्यू के लिए बीकानेर बुलाया.

 

 

 

 

जोसेफ के कारनामो के बारे में जाने आगे 

इसी साल अप्रेल की शुरुआत में अनिल बीकानेर पहुंचा तो रेलवे स्टेशन पर जोसेफ मौजूद था. महंगे कपड़े, घड़ी और गॉगल पहने हुए जोसेफ ने अनिल को रिसीव किया और स्टेशन के बाहर आते ही रौबदार आवाज़ में अपने ड्राइवर से कार लाने के लिए कहा. जोसेफ कार से अनिल को होटल मरुधरा लेकर गया और यहां कुछ देर में इंटरव्यू होने की बात कही. इंटरव्यू से पहले जोसेफ ने अनिल के लिए नाश्ता मंगवाया और दूसरे कैंडिडेट्स से मिलने चला गया.

 

 

 

उसी होटल में जोसेफ तीन और कैंडिडेट्स से मिला और उन्हें भी कुछ देर में इंटरव्यू होने की बात कहकर नाश्ता करवाया. नाश्ते करने के बाद अनिल सहित चारों कैंडिडेट्स बेहोश हो चुके थे. घंटों बाद इन सभी को अस्पताल में होश आया तो सभी हैरान रह गए. अनिल के सारे दस्तावेज़, कैश और एटीएम कार्ड गायब था. इसी तरह बाकी सबके भी मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, कैश और ज्वैलरी आदि सब कुछ गायब था.

 

 

 

 

अपने कारनामों को लगातार अंजाम देने वाले जोसेफ इसी महीने यानी जून में हिमाचल प्रदेश में था. उना शहर के एक महंगे होटल में ठहरा हुआ था. यहां जोसेफ अखबारों में वैसा ही विज्ञापन दे चुका था जैसा उसने तीन महीने पहले बीकानेर के समय दिया था. बेरोज़गारों के साथ फोन पर बातचीत कर उनके इंटरव्यू तय कर रहा था. इंटरव्यू के नाम पर जोसेफ फिर उसी लूट को अंजाम देने की फिराक में था लेकिन उसे तलाशती हुई राजस्थान पुलिस उना पहुंच गई और पिछले हफ्ते जोसेफ को गिरफ्तार कर लिया

 

 

 

गिरफ्तारी के बाद जोसेफ का असली नाम राजेंद्र सिंह बताया गया है हालांकि यह शातिर लुटेरा जॉन, थॉमस, मयंक, दिनेश, हिमांशु, कुमार जैसे कई नामों से पहचाना जाता है. खुद को एनआरआई बताकर बेरोज़गारों को लूटने वाला यह लुटेरा अपने महंगे शौक और शाही ज़िंदगी जीने की हसरत में लुटेरा बन गया.

 

 

 

विज्ञापन देकर अनजान जगह बुलाना, नाश्ते के बहाने बेहोश कर लूट को अंजाम देना और मोबाइल फोन के ज़रिये एटीएम पिन को बदलकर रकम निकाल लेना इसकी तरकीबें रहीं. पिछले लंबे समय से 12 राज्यों में यह लुटेरा लूट की कई वारदातों को अंजाम दे चुका था

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