कोटा

आत्महत्या का तीसरा मामला आया सामने राजस्थान के कोटा में छात्र ने लगाई फांसी

Edited by: अंशिका श्रीवास्तव

आत्महत्या का तीसरा मामला आया सामने राजस्थान के कोटा में छात्र ने लगाई फांसी

पांच दिनों के भीतर आत्महत्या के तीन मामले सामने आ चुकें हैं। राजस्थान के कोटा में IIT की तैयारी कर रहे 17 वर्षीय छात्र ने छात्रावास के अपने कमरे में पंखे से लटक कर खुदखुशी कर ली। आपको बता दें यह छात्र बिहार के सीवान जिले का रहना वाला था। छात्र जितेश गुप्ता कोटा में रहकर मेन 2019 और जेईई एडवांस 2019 प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक शनिवार के बाद से छात्रों के आत्महत्या का यह तीसरा मामला है।

जितेश स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले तीन साल से आईआईटी-जेईई (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए प्रवेश परीक्षा) की तैयारी कर रहा था और कोटा के एक प्रमुख कोचिंग सेंटर में पढ़ाई कर रहा था।

पुलिस ने बताया कि मंगलवार सुबह जब जितेश ने माता-पिता का फोन नहीं उठाया तो उन्होंने उसके दोस्तों को इस बात की सूचना दी, जिस पर दोस्त उसके कमरे पर गये , जहां उन्होंने कमरे को अंदर से बंद पाया, जब दोस्तों ने खिड़की से देखा तो जितेश छत के पंखे से लटकता हुआ नज़र आया। महावीर नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच कर शव को पोस्ट-मार्टम के लिए मुर्दाघर भेज दिया। बताया जा रहा है कि जितेश के माता-पिता के कोटा पहुंचने के बाद शव का पोस्ट-मार्टम किया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के पीछे की वजह का पता अभी तक नहीं चल पाया है क्योंकि कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने बताया कि जितेश ने अंतिम बार अपने परिवार से सोमवार शाम को बात की थी और अपने भाई को बताया था कि पांच महीने पहले बीमार पड़ने के कारण वह पढ़ाई अच्छे से नहीं कर पा रहा है। उसके भाई ने उससे कहा कि वह जल्द ही उससे मिलने के लिए कोटा आएगा। लेकिन उसी रात उसने अपनी जान ले ली। पुलिस ने यह जानकारी दी।

यूपी के कुशीनगर शहर की एक NEET-2019 की अभ्यर्थी दीक्षा सिंह ने खुद को फांसी लगा ली, जबकि शनिवार को एक अन्य IIT की तैयारी कर रहे दीपक दधीच ने अपने कोचिंग संस्थान में फांसी लगा ली थी। दीक्षा 17 साल की, जबकि दीपक 16 साल का था।

जितेश की आत्महत्या के साथ, शहर में दर्ज आत्महत्याओं की कुल संख्या 19 हो गई है। चौकाने वाली बात ये है कि ऐसा क्या है कि एक के बाद एक छात्रों के आत्महत्या का मामला सामने आ रहा है। कोटा में देशभर से हर साल हजारों छात्र इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में नामांकन कराने के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षाओं की तैयार करने के लिए आते है, लेकिन परीक्षा पास करने के दबाव में जरूरत से ज्यादा मानसिक तनाव लेते हैं , इन्हीं वजहों को अत्महत्या का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।

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