चिड़ियाघर में एनाकोंडा ने 11 बच्चों को दिया जन्म, जानें-

वर्ल्ड स्नेक से के मौके पर कोलकाता के एक चिड़ियाघर से अच्छी खबर सामने आयी है। कोलकाता के अलीपुर जूलॉजिकल गार्डन में बेहद दुर्लभ प्रजाति के एक पीले एनाकोंडा ने 11 बच्चों को जन्म दिया है। जन्म के बाद से ही चिड़ियाघर में इन खूबसूरत सांप के बच्चों को विशेष देखरेख में रखा जा रहा है। जूलॉजिकल गार्डन प्रबंधन के अनुसार फिलहाल चिड़ियाघर बंद है, बताया जा रहा है कि आने वाले समय में एनाकोंडा के ये बच्चे लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे।

चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार जून 2019 में चार एनाकोंडा को चिड़ियाघर में लाया गया था। इनमें दो नर और दो मादा एनाकोंडा हैं। इनके साथ चार मोनोक्लेड कोबरा और चार बैंडेड क्रेट सांपों को भी मद्रास के स्नेक पार्क से अलीपुर चिड़ियाघर में लाया गया था। तब से ये बेहद दुर्लभ प्रजाति के सांप लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन्हें यहां विशेष देखरेख में रखा जा रहा है। गुरुवार (16 जुलाई 2020) को विश्व सर्प दिवस के मौके पर ऐनाकोंडा के इन नवजात बच्चों की जानकारी सामने आई है, जो एक दिन पहले बुधवार को ही जन्में हैं।

ऐमजॉन के जंगलों में पाए जाते हैं ऐनाकोंडा

मालूम हो कि एनाकोंडा, सांपों की सबसे बड़ी प्रजातियों में से एक है। इनका विशाल आकार लोगों को अचंभित करता है। सामान्यतः ये दुर्लभ सांप दक्षिणी अमेरिका के ऐमजॉन जंगलों में ही पाए जाते हैं। कोलाकात चिड़ियाघर में इन सांपों को लाने से पहले विशेष तौर पर कृत्रिम वर्षा वन तैयार किया गया, ताकि ऐनाकोंडा को उसके अनुकूल वातावरण मिल सके।

लोगों को लुभाने का केंद्र बनेंगे नवजात ऐनाकोंडा

चिड़ियाघर के प्रमुख अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि ऐनाकोंडा के बच्चों को लेकर पूरे प्राणि उद्यान में उत्साह का माहौल है। वेटनरी डॉक्टर्स लगातार इन नवजात ऐनाकोंडा का ध्यान रख रहे हैं। उम्मीद है कि चिड़ियाघर खुलने के बाद ये नवजात सांप लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे। इनकी वजह से जू में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। विनोद कुमार यादव के अनुसार अलीपुर प्राणि उद्यान, अब लोग देश के अन्य चिड़ियाघरों के साथ कार्यक्रमों के आदान-प्रदान के लिए काम करेगा। कुछ सांपों को राज्य के अन्य चिड़ियाघरों में स्थानांतरित किया जाएगा।

तीन प्रकार के होते हैं ऐनाकोंडा

मुख्य तौर पर तीन प्रकार के ऐनाकोंडा पाए जाते हैं। इसमें ग्रीन (हरे), येलो (पीले) और डार्क स्पॉटेड (गहरे चित्तीदार) ऐनाकोंडा शामिल हैं। हरा ऐनाकोंडा आकार और वजन में सबसे बड़ा होता है। नर के मुकाबले मादा ऐनाकोंडा का आकार और वजन दोनों बहुत ज्यादा होता है। ऐनाकोंडा ज्यादातर दलदली जगह पर या फिर धीमी गति से बहने वाली नदियों में रहना पसंद करते हैं। अमेजन और ओरिनोको बेसिन के वर्षा वन इनका सबसे पसंदीदा ठिकाना हैं। जंगली सूअर, हिरण, पक्षी, कछुए, कैपीबरा, कैमीन्स और जगुआर इनके पसंदीदा आहार हैं। बड़ा शिकार करने के बाद ऐनाकोंडा को कई हफ्तों या महीने तक कुछ खाने की जरूरत नहीं पड़ती है। ऐनाकोंडा अपनी मजबूत कुंडली में शिकार को दबोचकर मार देते हैं।

 

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