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2019 लोकसभा चुनाव होने से पहले बीजेपी को चौंका देने वाला झटका, ये है 10 बाते ..

2019 लोकसभा चुनाव होने वाले है उससे पहले  बीजेपी को  एक चौंका देने वाला झटका लगा क्योंकि लोकसभा की उन तीनों सीटों पर उसके उम्मीदवार हार गए जिनके लिए उपचुनाव हुआ था.इन तीन सीटो में विपक्ष ने अपना कब्ज़ा ढोक इन तीन सीटों में उत्तर प्रदेश में उसका गढ़ रहा गोरखपुर और फूलपुर तथा बिहार में अररिया शामिल है. यूपी की दोनों लोकसभा सीट प्रदेश के सीएम योगी आदित्‍यनाथ और डिप्‍टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या की थी.

बीजेपी के लिए यह चौंकाने वाला चुनाव परिणाम त्रिपुरा सहित पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में उसकी शानदार जीत के कुछ ही दिन बाद आया है. बीजेपी ने त्रिपुरा में वाम दल के किले को ढहा दिया था जहां वह पिछले 25 वर्ष सत्ता में था. बीजेपी ने अपने क्षेत्रीय सहयोगी दलों के साथ मिलकर नगालैंड और मेघालय में भी सरकार बना ली थी. वहीं बीजेपी के लिए यह हार 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए खतरे की घंटी है.

 

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ये है दस बाते –

1 –बीजेपी इस साल जनवरी में सबसे पहले राजस्थान की अजमेर और अलवर लोकसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा. जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने राजस्‍थान की सभी 25 सीटों पर जीत हासिल की थी.

 

2-लोकसभा उपचुनावों के नतीजों के बाद लोकसभा में बीजेपी के सदस्‍यों की संख्‍या 2014 के 282 से घटकर 272 पर पहुंच गई है. लोकसभा में मौजूदा समय में 536 सांसद हैं जबकि सात सीटें खाली हैं. इस हिसाब से लोकसभा में बीजेपी के पास अकेले बहुमत है.

 

3-2017 में बीजेपी को पंजाब के गुरदासपुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा था. यह सीट बीजेपी के सांसद विनोद खन्‍ना के निधन के बाद खाली हुई थी.

 

4-2014 के लोकसभा चुनाव के बाद 20 सीटों पर उपचुनाव हुए हैं, जिसमें से सिर्फ तीन सीटों पर बीजेपी को जीत हासिल हुई है. आपको बता दें कि इसमें से अधिकतर सीटें बीजेपी के पास नहीं थीं

 

5-2018 में छह लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी ने एक भी जीत हासिल नहीं की है. ये उपचुनाव राजस्थान, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार में हुए हैं.

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6-2014 में पांच लोकसभा सीटों पर हुए चुनाव में से बीजेपी ने दो सीटों पर जीत हासिल की थी. इसमें एक गुजरात के वडोदरा और दूसरी महाराष्‍ट्र की बीड लोकसभा सीट पर जीत हासिल की थी. जबकि तेलंगाना की मेडक सीट पर टीआरएस, यूपी की मैनपुरी सीट पर सपा और उड़ीसा के कंधमाल सीट पर बीजद ने जीत हासिल की थी.

 

7-साल 2015 बीजेपी के लिए अच्‍छा नहीं रहा. इस साल तीन लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुए और बीजेपी को एक में भी जीत हासिल नहीं हुई. इसमें पश्चिम बंगाल के बनगांव की सीट पर टीएमसी, तेलंगाना की वारंगल सीट पर टीआरएस और मध्‍यप्रदेश की रतलाम सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी.

 

8-साल 2016 में तीन सीटों पर उप चुनाव हुआ. इसमें बीजेपी ने मध्‍यप्रदेश की शहडोल सीट पर जीत हासिल की. ज‍बकि पश्चिम बंगाल की कूच बिहार और तमलुक सीट पर हार का सामना करना पड़ा. इन दोनों सीट पर टीएमसी ने जीत हासिल की.

 

9-2017 में भी तीन सीटों पर उपचुनाव हुआ. इसमें केरल के मलप्‍पुरम सीट पर आईयूएमएल, पंजाब के गुरदासपुर सीट पर कांग्रेस और जम्‍मू-कश्‍मीर की श्रीनगर सीट पर हुए उपचुनाव में जेकेएनसी ने जीत हासिल की थी.

 

10-यूपी में सपा और बसपा के गठबंधन से गोरखपुर और फूलपुर में सपा के उम्‍मीदवारों को मिली जीत अन्य पिछड़ वर्ग (ओबीसी), दलित और मुस्लिम वोटों के एकीकरण होना है. जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने दोनों सीटों पर तीन लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की थीं.

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