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हिजबुल  के एक आतंकी की मौत के पहले पिता ने बोले सरेंडर नहीं डट के लड़ो …

कश्मीर में आये दिन आतंकी सफाई अभियान भारतीय सेना की ओर से चल रहा है .बता दे ,कश्मीर में हिजबुल  के एक आतंकी को सुरक्षाबलों की कार्रवाई में मारे जाने से ठीक पहले हिजबुल आतंकी ने अपने घर वालों से बातचीत की .जो की अब वायरल हुई है रविवार को शोपियां के रहने वाले 28 वर्षीय  ऐतमद हुसैन डार को मार गिराया गया था. उसके पास एमफिल की डिग्री थी और वह जूनियर रिसर्च फेलो भी था. अपने घरवालों से आखिरी बातचीत में वह रो रहा था और वादे पूरे नहीं करने के लिए माफी मांग रहा था.

 

 

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 पढ़ें पूरी बातचीत

एक रिपोर्ट के मुताबिक, उसने बीते साल नवंबर में आतंकी संगठन ज्वाइन किया था. फोन कॉल के दौरान डार के परिवार की महिलाओं को रोते हुए सुना जा सकता है. उसने फ़ोन पे बताया  है कि वह घिर गया है. पिता ने उससे पूछते हैं कि वह रो क्यों रहा है?

पिता ने डार से कहा- अटल रहो और धैर्य रखो. मैं सरेंडर करने के लिए नहीं कहूंगा. डार जवाब देता है- नहीं, नहीं.. अबु जी, मैं बस चाहता हूं कि आप मुझसे खुश हों, ऊपर वाला  भी मेरे लिए खुश होंगे. पिता आगे कहते हैं- क्या भागने का कोई मौका है? डार जब न में जवाब देता है तो पिता कहते हैं- अगर भाग सकते हो तो भागो, नहीं तो क्या किया जा सकता है.

डार कहता है- नहीं, हमने बहुत कोशिश की. अबरार भाई (साथी आतंकी) को सिर में गोली लगी है. तभी फोन अबरार ले लेता है. अबरार कहता है- माफ कीजिए, मेरे सिर में गोली लगी है और मैं अच्छे से बोल नहीं सकता हूं. क्या मुझे पिता का नंबर मिल सकता है?

सोपियां के पुलिस अधीक्षक श्रीराम अंबरकर दिनकर कहते हैं कि बातचीत असली लगती है. डार के साथ उसके तीन साथी आतंकी भी सुरक्षाबलों की कार्रवाई में मारे गए थे. जबकि तीन सैनिक निलेश सिंह, अरविंदर कुमार और सेपॉय हेतराम कार्रवाई में शहीद हो गए थे.

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