वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण

लॉकडाउन में सरकार का राहत पैकेज, गरीबों को 3 माह तक 10 किलो चावल/गेहूं व 1 किलो दाल फ्री

नई दिल्ली। देश में 21 दिन का लॉकडाउन है और इस दौरान आम लोगों और खासकर गरीबों को परेशानी न हो, इसलिए केंद्र सरकार ने बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले कामगारों और गरीबों के लिए एक पैकेज तैयार है। यह पैकेज 1.70 लाख करोड़ रुपए का है। हमारी कोशिश रहेगी कि गांवों और शहरों में रहने वाला कोई भी गरीब भूखा न सोए। इसके तहत गरीबों को हर महीने 10 किलो का मुफ्त अनाज दिया जाएगा। किसानों को भी आर्थिक मदद दी जाएगी। महिलाओं, बुजुर्गों और कर्मचारियों के लिए भी ऐलान किए गए हैं।

यह भी पढ़ें: Coronavirus: कर्नाटक में एक और मौत, देश में अबतक 16 मौतें

सरकार की प्रमुख घोषणाएं:

  • अभी तक हर गरीब को हर महीने 5 किलो गेहूं या चावल मिल रहा था। अगले तीन महीने के लिए हर गरीब को अब 5 किलो का अतिरिक्त गेहूं और चावल मिलेगा। यानी कुल 10 किलो का गेहूं या चावल उसे मिल सकेगा। इसी के साथ 1 किलो दाल भी मिलेगी, जिससे 80 करोड़ लोगों यानी देश की दो तिहाई आबादी को राहत मिलेगी।
  • कोरोनावायरस से निपटने में देश के हेल्थ वर्कर्स की अहम भूमिका को समझते हुए सरकार ने उन्हें अगले तीन महीने के लिए 50 लाख रुपए का मेडिकल इंश्योरेंस कवर देने का फैसला किया है।
  • किसानों को डायरेक्ट कैश ट्रांसफर के तहत 8.69 करोड़ रुपए की मदद दी जाएगी। किसानों को इसकी पहली किश्त अप्रैल के पहले हफ्ते में जारी रहेगी। वहीं, महिला जनधन खाताधारकों को अगले तीन महीने तक 500 रुपए हर महीने दिए जाएंगे। इसका फायदा 20 करोड़ महिलाओं को मिलेगा।
  • जिन गरीब महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन मिले हैं, उन्हें अगले 3 महीने तक मुफ्त गैस सिलेंडर मिलेंगे। इससे गरीबी रेखा से नीचे जीने वाले 8.3 करोड़ परिवारों को फायदा मिलेगा।
  • बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवाओं को अगले तीन महीने के लिए दो किश्तों में 1000 रुपए की मदद दी जाएगी। तीन करोड़ लोगों को इसका फायदा होगा।
  • मनरेगा वालों की मजदूरी 182 से बढ़ाकर 202 रुपए की गई।
  • सरकार ईपीएफ में पूरा योगदान देगी, 75% फंड निकाल सकेंगे। सरकार 3 महीने तक इम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड में कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों का पूरा योगदान खुद देगी यानी ईपीएफ में पूरा 24% योगदान सरकार देगी। पीएफ फंड रेग्युलेशन में संशोधन किया जाएगा। जमा रकम का 75% या 3 महीने के वेतन में से जो भी कम होगा, उसे निकाल सकेंगे।
  • स्वयं सहायता महिला समूहों से जुड़े परिवारों को पहले बैंक से 10 लाख का कॉलेटरल फ्री कर्ज मिलता था, अब 20 लाख रुपए का कर्ज मिलेगा। इससे 7 करोड़ परिवारों को फायदा मिलेगा।
  • निर्माण क्षेत्र से जुड़े 3.5 करोड़ रजिस्टर्ड वर्कर, जो लॉकडाउन की वजह से आर्थिक दिक्कतें झेल रहे हैं, उन्हें मदद दी जाएगी। इनके लिए 31000 करोड़ रुपए का फंड है।

प्रदेश की धड़कन, 'इंडिया जंक्शन न्यूज़' के ताजा अपडेट पाने के लिए जुड़ें हमारे फेसबुक पेज से...

Check Also

UP के 16 जिलों में 25 मार्च तक लॉकडाउन, ये सेवाएं रहेंगी बंद

लखनऊ। कोरोना वायरस की चुनौतियों से निपटने के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने …

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com