प्रतीकात्मक तस्वीर

लॉकडाउन 2.0: पब्लिक-वर्क प्लेस पर मास्क जरूरी, शराब-गुटखा प्रतिबंधित

नई दिल्ली। कोरोनावायरस को हराने के लिए देश में बुधवार से लॉकडाउन 2.0 शुरू हो गया है, जो 3 मई तक चलेगा। हालांकि, इस बीच केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक स्थानों और काम करने की जगह पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

पब्लिक प्लेस पर थूकने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान होगा। नई गाइडलाइन में 20 अप्रैल के बाद जो सेवाएं जारी रहेंगी, उनमें अस्पताल, खेती, सरकारी-निजी दफ्तर और उद्योगों से जुड़ी बातें हैं।

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पब्लिक प्लेस को लेकर गाइडलाइन

  • पब्लिक प्लेस और वर्क प्लेस पर मास्क लगाना जरूरी होगा।
  • पब्लिक प्लेस, वर्क प्लेस और ट्रांसपोर्ट सेवाओं के इंचार्ज की यह जिम्मेदारी होगी कि वह सरकार के निर्देशों के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराए।
  • किसी भी संस्थान या पब्लिक प्लेस के मैनेजर को 5 या उससे ज्यादा लोगों के एक साथ जमा करने की इजाजत नहीं होगी।
  • शादी या अंतिम संस्कार पर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट का निर्देश मान्य होगा।
  • पब्लिक प्लेस पर थूकने पर सजा के साथ जुर्माना भी होगा।
  • शराब, गुटखा और तंबाकू उत्पाद की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा।

वर्क प्लेस को लेकर गाइडलाइन

  • सभी संस्थानों में कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करनी होगी।
  • शिफ्ट बदलने के दौरान एक घंटे का गैप देना जरूरी होगा। लंच के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष तौर पर ध्यान रखना होगा।
  • घर में 65 साल से ज्यादा के बुजुर्ग या 5 साल से कम उम्र के बच्चे हैं, तो कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
  • निजी और सरकारी क्षेत्र के सभी कर्मचारियों को आरोग्य सेतु ऐप के इस्तेमाल को बढ़ावा देना होगा।
  • सभी संस्थान शिफ्ट खत्म होने पर ऑफिस या परिसर को सैनिटाइजेशन कराएं।
  • संस्थान या ऑफिस में बड़े स्तर पर मीटिंग नहीं की जा सकेंगी।

शादी पर भीड़ जुटाई तो सजा हो सकती है

शादी या अंतिम संस्कार जैसे मौकों पर प्रशासन के निर्देशों का पालन करना होगा। अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। शादी में भीड़ जुटाई या धार्मिक आयोजन किए तो एक साल की सजा और यदि इन समारोहों में किसी की जान का नुकसान हुआ तो 2 साल की सजा हो सकती है।

फोर व्हीलर में सिर्फ दो लोग बैठ सकेंगे

इमरजेंसी सर्विस, मेडिकल और वेटेनरी केयर से जुड़ी या फिर जरूरी सामान लेने जाने के लिए प्राइवेट गाड़ी का इस्तेमाल किया जा सकेगा, लेकिन चार पहिया गाड़ी में ड्राइवर और बैक सीट पर एक व्यक्ति, जबकि टू व्हीलर में सिर्फ ड्राइवर को जाने की इजाजत रहेगी। नौकरी पर जाने और वहां से लौटने के दौरान वह गाड़ी का इस्तेमाल कर सकेंगे।

क्वारंटाइन में रहने के नियम नहीं माने तो कार्रवाई होगी

जिन लोगों को मेडिकल अथॉरिटीज ने घरों या बाकी जगहों पर क्वारंटाइन में रहने को कहा है, वे कड़ाई से इसका पालन करेंगे। जो नहीं करेंगे, उन पर आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई होगी।

चुनिंदा गतिविधियों की 20 अप्रैल से इजाजत दी जाएगी

आम लोगों को आ रही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए कुछ चुनिंदा गतिविधियों को 20 अप्रैल से इजाजत देने का फैसला किया गया है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करते हुए इन गतिविधियों की इजाजत देंगे। इजाजत देने से पहले राज्य सरकारों की जिम्मेदारी यह देखने की होगी कि जिन गतिविधियों को शुरू करने को कहा जा रहा है, उन दफ्तरों में सोशल डिस्टेंसिंग जैसी तैयारियां हैं या नहीं।

हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन को लेकर गाइडलाइन

  • कोरोना संक्रमण को बढ़ाने वाले क्षेत्रों को भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से तय गाइडलाइंस के मुताबिक ही हॉटस्पॉट घोषित किया जाए।
  • राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और जिला प्रशासन इन्हीं गाइडलाइंस के मुताबिक हॉटस्‍पॉट्स के तहत आने वाने कंटेनमेंट जोन भी घोषित करें।
  • कंटेनमेंट जोन के अंदर किसी भी तरह की गतिविधि नहीं हो सकेगी। कंटेनमेंट जोन के परिधि में आने वाले इलाकों को सख्ती से नियंत्रित किया जाएगा।
  • मेडिकल और लॉ एंड ऑर्डर जैसी जरूरी सेवाओं को छोड़कर कंटेनमेंट जोन के अंदर और बाहर लोगों का मूवमेंट नहीं हो सकेगा। इससे जुड़ी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन किया जाए।

खेती से जुड़ी सभी तरह की गतिविधियों को इजाजत रहेगी

  • खेतों में काम करने वाले किसान और खेती का काम करने वाले अन्य लोग।
  • एमएसपी ऑपरेशंस समेत कृषि उपज की खरीद करने वाली एजेंसियां।
  • राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित मंडियां।
  • खेती की मशीनें और उनके स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खुल सकेंगी।
  • फार्म मशीनरी से कस्टम हायरिंग सेंटर संबद्ध रहेंगे।
  • उर्वरक, कीटनाशक और बीजों का बनना और वितरण जारी रहेगा।
  • खेत जोतने के काम आने वाली मशीनों मसलन हार्वेस्टर और अन्य चीजों का राज्य के अंदर और बाहर आना-जाना हो सकेगा।
  • फिशरीज के लिए नियम
  • फिशिंग ऑपरेशन (समुद्र और देश के अंदर) जारी रहेंगे। इसमें- मछलियों का भोजन, मेंटेनेंस, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री हो सकेगी।
  • हैचरी और कमर्शियल एक्वेरियम भी खुल सकेंगे।
  • मछली और मत्स्य उत्पाद, फिश सीड, मछलियों का खाना और इस काम में लगे लोग आ-जा सकेंगे।
  • प्लांटेशन के लिए नियम
  • चाय, कॉफी और रबर उत्पादन जारी रहेगा, लेकिन इनमें 50 फीसदी मजदूर ही रहेंगे।
  • चाय, कॉफी, रबर और काजू की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री के लिए भी फिलहाल 50 फीसदी मजदूर ही रहेंगे।
  • पशुपालन के लिए नियम
  • दूध और दुग्ध उत्पाद का कलेक्शन, प्रोसेसिंग, वितरण, ट्रांसपोर्टेशन हो सकेगा।
  • पोल्ट्री फॉर्म समेत अन्य पशुपालन गतिविधियां चालू रहेंगी।
  • पशुओं का खाना मसलन मक्का और सोया की मैन्युफेक्चरिंग और वितरण हो सकेगा।
  • पशु शेल्टर यानी गौशालाएं खुली रहेंगी।

सामाजिक सेक्टर

  • बच्चों/दिव्यांग/मानसिक रूप से अस्वस्थ/बुजुर्ग/निराश्रितों/महिलाओं/विधवाओं के आश्रय स्थल के लिए कामकाज जारी रहेगा।
  • ऑब्जर्वेशन होम्स और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए बनाए गए स्थानों पर भी काम जारी रहेगा।
  • लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल सकेगी, मसलन बुजुर्गों/विधवाओं/स्वतंत्रता सेनानियों को पेंशन। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत दी जाने वाली पेंशन और प्रोविडेंड फंड सेवाएं भी जारी रहेंगी।
  • आंगनवाड़ी ऑपरेशन मसलन लाभार्थियों (बच्चों और दुग्धपान कराने वाली मांओं) को 15 दिन में एक बार उनके घर तक खाना और पोषाहार पहुंचाना जारी रहेगा। लाभार्थी फिलहाल आंगनवाड़ी नहीं आ पाएंगे।

ऑनलाइन पढ़ाई/डिस्टेंस लर्निंग जारी रहेगी

  • सभी शैक्षिक, ट्रेनिंग, कोचिंग इंस्टीट्यूट्स बंद रहेंगे।
  • ऐसे सभी संस्थान ऑनलाइन के जरिए पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
  • पढ़ाई के लिए दूरदर्शन और दूसरे शैक्षिक चैनलों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

लॉकडाउन को लागू कराने के जरूरी निर्देश

  • राज्य सरकारें अपने क्षेत्रों में किसी भी तरह से लॉकडाउन से जुड़ी गाइडलाइंस में ढील नहीं देंगी।
  • सभी जिलों के कलेक्टर पर लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी होगी। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
  • सभी उद्योग, वर्क प्लेस और दफ्तरों में भी लॉकडाउन के लिए जारी सरकार के निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
  • लॉकडाउन का पालन कराने के लिए कलेक्टर स्थानीय एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को इंसीडेंट कमांडर के रूप में तैनात करेंगे। किसी इलाके में लॉकडाउन को लेकर पूरी जिम्मेदारी इंसीडेंट कमांडर की होगी।
  • इंसीडेंट कमांडर संसाधनों, मजदूरों और जरूरी सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की जिम्मेदारी भी देखेंगे।

सजा के प्रावधान

अगर कोई व्यक्ति लॉकडाउन के नियमों को तोड़ता है तो उसके खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 की धारा 51 से 60 और आईपीसी की धारा 188 के तहत केस दर्ज किया जाएगा।

  • आपदा प्रबंधन कानून के तहत लगने वाला दंड और जुर्माना
  • धारा 51 के तहत: कर्मचारियों के काम में बाधा डालने आदि के लिए
  • यदि कोई व्यक्ति किसी सरकारी कर्मचारी को उनके कर्तव्यों को पूरा करने से रोकता या बाधा डालता है, दिशा-निर्देशों का कोई भी उल्लंघन, जिसमें पूजास्थल पर जाना, सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन करना आदि शामिल हैं, सभी को इस धारा के तहत अपराध माना जाएगा। इस धारा के तहत, 1 साल तक की कैद और जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, यदि दोषी व्यक्ति के किसी काम से जानमाल का नुकसान होता है, तो 2 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।
  • धारा 53 के तहत: धन/सामग्री का दुरुपयोग करने आदि के लिए 
  • यदि कोई व्यक्ति राहत कार्यों/प्रयासों के लिए किसी भी पैसे या सामग्री का दुरुपयोग, अपने स्वयं के उपयोग के लिए करता है, या उन्हें ब्लैक में बेचता है तो वह इस धारा के अंतर्गत दोषी ठहराया जा सकता है। इस धारा के तहत 2 साल तक की सजा एवं जुर्माना हो सकता है।
  • धारा 54 के तहत: झूठी चेतावनी के लिए 
  • यदि कोई व्यक्ति एक झूठा अलार्म या आपदा के बारे में चेतावनी देता है, या इसकी गंभीरता के बारे में झूठी चेतावनी देता है, जिससे घबराहट फैलती है तो इसके तहत एक वर्ष तक की सजा या जुर्माना हो सकता है।
  • धारा 55 के तहत: सरकारी विभागों के अपराध के लिए
  • इसके तहत यदि कोई अपराध सरकार के किसी विभाग द्वारा किया गया है तो वहां का विभाग प्रमुख दोषी माना जाएगा और जब तक कि वह यह साबित नहीं कर देता कि अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था, अपने विरुद्ध कार्रवाई किए जाने और दंड का भागी होगा।
  • धारा 56 के तहत: अधिकारी के कर्त्तव्य पालन न करने पर
  • यदि कोई सरकारी अधिकारी, जिसे लॉकडाउन से संबंधित कुछ कर्तव्यों को करने का निर्देश दिया गया है, और वह उन्हें करने से मना कर देता है, या बिना अनुमति के अपने कर्तव्यों को पूरा करने से पीछे हट जाता है तो वह इस धारा के अंतर्गत दोषी ठहराया जा सकता है। इस धारा के तहत 1 साल तक की सजा या जुर्माना हो सकता है।
  • धारा 57 के तहत: अपेक्षित आदेश का उल्लंघन होने पर
  • यदि कोई व्यक्ति इस तरह के अपेक्षित आदेश (धारा 65 के अधीन) का पालन करने में विफल रहता है, तो वह इस धारा के अंतर्गत दोषी ठहराया जा सकता है। इस धारा के तहत 1 साल तक की सजा और जुर्माना अथवा दोनों हो सकता है।
  • अधिनियम की अन्य धाराएं (धारा 58, 59 और 60)
  • इस अधिनियम की धारा 58, कंपनियों के अपराध से सम्बंधित है। इसके अलावा, धारा 59 अभियोजन के लिए पूर्व मंजूरी (धारा 55 और धारा 56 के मामलों में) से सम्बंधित है, वहीं धारा 60 न्यायालयों द्वारा अपराधों के संज्ञान से सम्बंधित है।
  • सरकारी कर्मचारियों पर धारा 188 के अनुसार एक्शन
  • इस संबंध में किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा दिए निर्देशों का उल्लंघन करने पर ये धारा लगाई जा सकती है। यहां तक कि किसी के ऊपर ये धारा लगाने व कानूनी कार्रवाई करने के लिए ये भी जरूरी नहीं कि उसके द्वारा नियम तोड़े जाने से किसी का नुकसान हुआ हो या नुकसान हो सकता हो।
  • सजा और जुर्मान के दो प्रावधान हैं
  • पहला- सरकार या किसी अधिकारी द्वारा दिए गए आदेशों का उल्लंघन करते हैं, या आपसे कानून व्यवस्था में लगे व्यक्ति को नुकसान पहुंचता है, तो कम से कम एक महीने की जेल या 200 रुपए जुर्माना या दोनों।
  • दूसरा- आपके द्वारा सरकार के आदेश का उल्लंघन किए जाने से मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा, आदि को खतरा होता है, तो कम से कम 6 महीने की जेल या 1000 रुपए जुर्माना या दोनों। दोनों ही स्थिति में जमानत मिल सकती है।

 

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