संयुक्त सचिव लव अग्रवाल

देश में नहीं फैला सामुदायिक संक्रमण, रिकवरी रेट 49.21 फीसदी: स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय

नई दिल्‍ली। गुरुवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस महामारी की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया गया। इस प्रेस वार्ता में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल, आइसीएमआर के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव और नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने अहम जानकारियां दीं।

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उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस की सही स्थिति का अंदाजा लगाने के लिए देश में सेरो सर्वे कराया गया। इस सर्वे में कई राहत देने वाली बातें सामने आई हैं।

प्रेस कांफ्रेंस की मुख्‍य बातें:  

  • देश में संक्रमण की स्थिति जानने के लिए सेरो सर्वे कराया गया।
  • देशभर के कई जिलों में अप्रैल के अंत की स्थिति को लेकर यह सेरो सर्वे कराया गया।
  • इसके मुताबिक देश में एक फीसदी से भी कम आबादी इस वायरस से प्रभावित हुई है।
  • इसके अलावा अभी देश में सामुदायिक संक्रमण की स्थिति नहीं है।
  • 83 जिलों में कराए गए इस सर्वे में पाया गया कि सिर्फ 0.73 फीसदी लोग ही इससे प्रभावित हुए हैं।
  • आइसीएमआर के मुताबिक, शहरों में गांवों की तुलना में ज्यादा मामले पाए जा रहे हैं।
  • देश में ठीक होने वाले मरीजों का प्रतिशत 49.21 है।
  • भारत में कोरोना वायरस से मरने वालों की दर अन्य देशों की तुलना में काफी कम है।
  • 15 मई को देश में मृत्यु दर 3.3 प्रतिशत थी। अब यह घटकर 2.8 फीसदी रह गई है।
  • कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में लॉकडाउन कारगर साबित हुआ है।
  • हालांकि, हमें कोरोना वायरस को लेकर आगे भी सतर्कता बनाए रखना है।
  • बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों के लिए जोखिम काफी ज्यादा है।
  • आइसीएमआर ने कहा कि राज्यों को कोरोना के प्रति अपनी सतर्कता को कम नहीं करना चाहिए।
  • हमारे पास एक दिन में दो लाख टेस्टिंग करने की क्षमता है: आइसीएमआर
  • अभी वर्तमान में देश में करीब डेढ़ लाख टेस्टिंग हो रही है।
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि राज्यों से उपलब्ध जानकारी के आधार पर ही मृतकों का डाटा तैयार किया जाता है।
  • अगर राज्य एक या दो दिन में इन आंकड़ों में बदलाव करता है, तो अगले 2-3 दिन में इस नंबर में बदलाव हो जाता है।

 क्या है सेरो सर्वे? 

सामान्य लोगों के रक्त के नमूने लिए जाते हैं और इसे IgG एंटीबॉडीज के लिए टेस्ट किया जाता है। अगर कोई व्यक्ति IgG पॉजिटिव पाया जाता है, तो इसका मतलब यह हुआ कि वह पहले कोरोना वायरस से संक्रमित रह चुका है।

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