प्रतीकात्मक तस्वीर

देश में लॉकडाउन नहीं होता तो इतनी भयावह होती स्थिति…

नई दिल्‍ली। वैश्‍विक महामारी कोरोनावायरस के खिलाफ जंग में देशभर में लॉकडाउन 4.0 लागू है। इस बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि अगर समय रहते लॉकडाउन लागू नहीं किया गया होता तो स्थिति बहुत ही भयावह होती। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की दैनिक प्रेस वार्ता में शुक्रवार को नीति आयोग के सदस्य व सशक्त समूह-1 के चेयरमैन वीके पॉल ने यह जानकारी दी।

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वीके पॉल ने कहा कि विभिन्न स्वतंत्र अध्ययनों में यह कहा गया है कि अगर देश में लॉकडाउन नहीं होता तो संक्रमितों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ सकती थी। लॉकडाउन की वजह से केंद्र सरकार बहुत सी जानों को बचाने में कामयाब रही है। चेयरमैन पॉक के मुताबिक, अगर लॉकडाउन नहीं होता, तो देश में संक्रमित लोगों की संख्या 29 लाख तक पहुंच सकती थी, जबकि 37 से 78 हजार लोगों की मौत हो जाती।

लॉकडाउन की वजह से बचाई गईं हजारों जानें

वीके पॉल ने कहा कि लॉकडाउन की वजह हजारों लोगों की जान बच गई। लॉकडाउन की वजह से 3 अप्रैल के बाद कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से कमी आई है। इससे इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगा है।

अब तक 27 लाख से ज्यादा टेस्ट 

आइसीएमआर के डॉक्टर रमन आर गंगाखेड़कर ने प्रतिदिन हो रही टेस्टिंग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को लगातार चौथे दिन एक लाख से ज्यादा टेस्ट किए गए।  दोपहर एक बजे तक देश में 27,55,714 टेस्ट किए जा चुके हैं। इनमें से 18,287 टेस्ट निजी लैब में किए गए।

70 फीसदी मामले शहरों तक सीमित 

उन्‍होंने बताया कि महामारी का प्रकोप सीमित स्थानों तक ही सीमित रहा। 70 फीसदी मामले शहरों तक ही सीमित रहे। कोरोना वायरस के 80 फीसदी मामले 5 राज्यों में हैं, जबकि 5 शहरों में 60 प्रतिशत तक मामले हैं। इसके अलावा देश में कोरोना के कुल मामलों में से 90 फीसदी 10 राज्यों तक सीमित है। इनमें से भी 70 फीसदी 10 शहरों तक ही है।

मृत्यु दर घटकर 3.02 प्रतिशत तक पहुंची

देश में कोरोना वायरस से मृत्यु दर 3.13 प्रतिशत से घटकर 3.02 फीसदी हो चुका है। अब केंद्र सरकार का फोकस कंटेनमेंट मानकों का पालन करवाने पर है। देश में ही जांच किट बनना शुरू हो चुकी हैं। अगले 6 से 8 हफ्ते में हम अपने देश में ही 5 लाख तक किट्स बनाने की क्षमता हासिल कर लेंगे। आइसीएमआर कम से कम 5 कंपनियों व 4 से 6 वैज्ञानिकों के साथ मिलकर वैक्सीन तैयार करने में जुटी हुई है।

सर्तक रहना बहुत जरूरी   

नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल का कहना है कि हमें काफी सर्तक रहना होगा। हमें अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना होगा। हमें मास्क लगाना है और दो गज की दूरी रखनी है। सशक्त समूह-1 के चेयरमैन व नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने केंद्र सरकार की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत हम 1 करोड़ लोगों को इलाज मुहैया करवा रहे हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है।

 

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