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Ramdas Athawale
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केन्द्रीय मंत्री की दलितों को सलाह,सम्मान पाना है तो हिन्दू धर्म छोडकर अपनाये बौध धर्म

भारत में नेताओं ने तो अपनी-अपनी जाति और समुदाय  का ठेका ले लिया है.जाति और समुदाय का राजनीति में प्रतिनिधित्व  करने वालें ही  तय करते  है की हमारी जाति का लड़का कौन सी पढाई करेगा ,लड़की कौन सी जाति में प्यार करेगी और शादी करेगी,हमारी जाति वोट किसे देगी. लेकिन केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने तो अपनी पूरी जाति के लोगो को एक सलाह दे दी है, उनका कहना है की अगर दलित को सम्मान पाना है तो हिन्दू धर्म छोड़ कर बौध धर्म अपनाये.मंत्री जी ने इस विचार को अपना नही बल्कि बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर का बताया है जिनके नाम पर पता नही कितने दलित नेता आज माननीय बन गये,लेकिन यही नेता दलित वर्ग के पिछड़े होने की बात करते है.

जाने मंत्री जी ने किस विचारधारा से कही यह बात

दरअसल केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बाबासाहब अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बौद्ध धर्म तब अपनाया जब उन्हें पूरी तरह भरोसा हो गया कि दलितों को हिंदू धर्म में न्याय नहीं मिलेगा. अठावले ने समुदाय के सदस्यों से भी ऐसा ही करने को कहा.लेकिन शायद मंत्री जी यह भूल गये की उन्होंने दलित नेता होते हुए दलितों को वह सम्मान क्यों नहीं दिलाया,केन्द्रीय मंत्री होते हुए यह बात सिर्फ दलितों से मीडिया के माध्यम से न कहे बल्कि संसद में सत्ताधारी और विपक्ष पार्टियों के बीच में कहें जो गरीबों और पिछडो के उत्थान का ठेका लेते है.

दलित हिन्दू धर्म छोड़कर अपनाये बौद्ध धर्म अपनाये

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री अठावले ने एक बयान में कहा,”बाबासाहब अंबेडकर ने बौद्ध धर्म तब अपनाया जब उन्हें पूरी तरह भरोसा हो गया कि दलितों को हिंदू धर्म में न्याय नहीं मिलेगा. लाखों दलितों ने भी धर्म परिवर्तन किया.” बयान के अनुसार मंत्री ने कहा कि अंबेडकर ने कट्टर ‘हिंदुत्ववादियों’ को सुधार करने का मौका दिया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसलिए उन्होंने धर्म परिवर्तन किया.

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अठावले ने कहा,”सभी दलित अपने ऊपर होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए हिंदू धर्म छोड़ दें और बौद्ध धर्म अपना लें.” रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख अठावले ने बसपा प्रमुख मायावती को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि वह बार बार धमकियां देने की जगह उन्हें बौद्ध धर्म अपना लेना चाहिए.

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