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जाने क्या है इस प्यार की दस्ता,एकआशिक ने क्यू कियाअपने ही प्यार का खून

दोनों के बीच इस कदर मोहब्बत थी कि दोनों ने अपने हाथ पर नाम गुदवा लिये थे राहुल और सोनी. लेकिन इस टैटू के गुदवाने के बाद दोनों एक दुसरे के हो चुके थे, इतना गहरा प्यार होने के बावजूद भी राहुल को यह यकीन नहीं था.इतनी मोहब्बत के बावजूद भी राहुल ने कर दिया अपने ही प्यार का खून.

 

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कहानी शुरू हुई थी पिछले साल से जब राहुल की पहली मुलाकात हुई थी सोनिया से. दिल्ली के दरियागंज और आसपास के इलाकों में राहुल रिक्शा चलाता था और शादियों या कार्यक्रमों में बतौर लेबर काम भी करता था. राहुल के साथ अक्सर उसका गहरा दोस्त कालिया रहा करता था. इसी तरह के एक प्रोग्राम में एक और लेबर थी सोनिया. यहां दोनों की पहली मुलाकात हुई थी.

 

 

इस मुलाकात के बाद राहुल और सोनिया के बीच नज़दीकियां बढ़ने लगी थीं. दोनों सड़क किनारे फुटपाथों पर बने झोंपड़ों में रहा करते थे और दोनों की रिहाइश भी करीब ही थी. लगातार एक—दूसरे से मिलना चलता रहा तो दोनों के बीच प्यार का रिश्ता बनता चला गया. इस रिश्ते के दौरान कभी—कभी ऐसा होता था कि सोनिया के फोन पर कोई कॉल आता और कुछ ही देर में सोनिया कोई कारण बताकर चली जाया करती थी.

 

 

राहुल ने कभी यह जानने की कोशिश ही नहीं की थी कि सोनिया के बताए कारणों का सच क्या है क्योंकि परिवार या काम से जुड़ी ही कोई वजह बताती थी सोनिया. बहरहाल, दोनों का रिश्ता इतना गहरा हो गया कि एक दिन एक बाज़ार में जाकर दोनों ने अपने हाथों पर दोनों के नामों का टैटू बनवा लिया. कभी—कभी शराब पीता था राहुल. कालिया को थोड़ा तो पता था और एक दिन ऐसे ही मौके पर राहुल के हाथ पर बना यह टैटू देखा तो कालिया के पूछने पर राहुल ने रिश्ते के गहरे होने की सारी कहानी बता दी.

 

 

 

अब कालिया भी साथ वक्त गुज़ारने लगा था. तीनों अक्सर साथ घूमते—फिरते और मौज—मस्ती करते. कभी राहुल और सोनिया रिक्शे में बैठते और कालिया रिक्शा चलाता तो कभी राहुल रिक्शा चलाकर सोनिया को घुमाने ले जाता. शौकिया तफरीह के लिए तीनों में से सोनिया के पास ही पैसे अक्सर ज़्यादा होते थे और वही अक्सर खर्च करती थी. वक्त बीत रहा था और राहुल—सोनिया भविष्य के सपने देख रहे थे.

 

 

एक दिन अचानक कालिया ने राहुल को खबर दी कि उसने सोनिया को किसी और के साथ देखा और वह भी आपत्तिजनक हालत में. राहुल को पहली बार में तो यकीन नहीं हुआ लेकिन कालिया ने उसे खबरदार रहने को कहा. राहुल के मन में शक तो आ चुका था और उसने कालिया की मदद से आने वाले दिनों में सोनिया पर निगरानी शुरू की. एक रोज़ सोनिया एक फोन के बाद जैसे ही एक कारण बताकर चली गई तो दोनों ने पीछा किया और उसे किसी और लड़के के साथ एक गाड़ी में बैठकर जाते देखा.

 

 

अब राहुल का दिल टूट चुका था. सोनिया के चरित्र को लेकर उसके मन में शक पक्का हो चुका था. वास्तव में, सोनिया शौकीन मिज़ाज की थी और उसके पहले भी कुछ लड़कों के साथ संबंध रह चुके थे. अब प्यार में चोट खाए राहुल को बजाय सहारा देने के उसके भीतर गुस्सा भरने का काम कालिया ने किया. एक दिन दोनों ने मिलकर सोनिया से बदला लेने की ठान ली. एक प्लैन तैयार कर लिया.

 

 

13 मई को राहुल ने सोनिया को बुलाया और थोड़ी बहुत गप्पें मारकर दोनों ने साथ में लंच किया. इसके बाद राहुल ने फिल्म का प्रोग्राम बनाया और सोनिया को फिल्म दिखाने ले गया. शाम को कालिया ने इन दोनों को जॉइन कर लिया. कालिया और राहुल ने एक सुनसान जगह पर बैठकर शराब पी. इस दौरान सोनिया ने जाने की बात कही तो राहुल ने कहा कि उसे कुछ बात करना है और रात के वक्त किसी तरह उसे शांति वन के पार्क में घुमाने ले गया.

 

 

रात का वक्त था. पार्क सुनसान पड़ा था. यहां राहुल ने पहले सोनिया पर ज़ोरदार वार किया और एक ही वार में लगभग बेहोश की हालत में सोनिया गिर पड़ी. फिर राहुल ने उसे बेवफाई के ताने देते हुए पीटा. इस मारपीट के दौरान सोनिया के कपड़े कुछ फट गए तो कुछ उतर गए. कालिया के उकसाने के बाद राहुल ने एक बड़ा पत्थर उठाकर सोनिया के सर पर पटक दिया. फिर दोनों ने सोनिया को पत्थरों से इस कदर कुचला कि लाश की पहचान न हो सके

 

 

 

एक प्रेम कहानी का अंत हो चुका था. शुरुआत हो चुकी थी जुर्म की एक दास्तान की. 13 मई को कत्ल को अंजाम देने के बाद कानून से बचने की दोनों ने बहुत कोशिश की. आखिर खुलासा हो ही गया और दो हफ्ते ज़रूर लगे लेकिन काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस कातिलों तक पहुंच ही गई.

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