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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी की जीत पर मतदाताओं का आभार जताया

जयपुर – कांग्रेस ने माडलगढ़ विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की है जबकि अजमेर और अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवारों की बढ़त को देखते हुए जीत तय मानी जा रही है. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने पार्टी की जीत पर मतदाताओं का आभार जताया और कहा कि प्रदेश के लोग इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव का बेताबी से इंतज़ार कर रहे ताकि कांग्रेस को सत्ता सौंपे. इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने जनाधार को स्वीकारते हुए कहा है कि हार के कारणों का विशलेषण कर कमियों को दूर करेंगे.

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राज्य निर्वाचन विभाग के अनुसार, कांग्रेस के विवेक धाकड़ ने माडलगढ़ विधानसभा सीट पर अपने निकटतम प्रत्याशी भाजपा के शक्ति सिंह हांडा को 12976 मतों से पराजित कर भाजपा से यह सीट छीन ली. राज्य निर्वाचन विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा के शक्ति सिंह हांडा को 12976 मतों से पराजित किया. धाकड़ शुरुआती दौर में तीसरे नंबर पर चल रहे थे लेकिन बाद में अंतर को कम करते हुए जीत दर्ज की.

अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के डॉ. करण सिंह यादव ने मौजूदा काबिना मंत्री और भाजपा प्रत्याशी जसवंत सिंह यादव पर 1 लाख 64 हजार 107 मतों से बढ़त बनाए हुए है. यादव की जीत तय मानी जा रही है. कांग्रेस उम्मीदवार डॉ करण सिंह यादव को पांच लाख 74 हज़ार 352 मत मिले है, जबकि भाजपा के जसवंत सिंह यादव को चार लाख दस हजार 245 मत मिले है.

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अजमेर से कांग्रेस उम्मीदवार रघु शर्मा अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के राम स्वरूप लाम्बा पर 83,096 मतों की बढ़त बनाए हुए है. प्रवक्ता के अनुसार माडलगढ़ विधानसभा सीट पर भाजपा के शक्ति सिंह हांडा कांग्रेस उम्मीदवार विवेक धाकड़ से छह हजार से अधिक मतों से आगे चल रहे है. कांग्रेस उम्मीदवार शुरुआती गणना में तीसरे स्थान पर थे. निर्वाचन विभाग ने फिलहाल अजमेर और अलवर लोकसभा सीट के परिणाम घोषित नहीं किए है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने पार्टी की जीत के लिए मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं की जीत बताई और कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को मतदाताओं के जनाधार को स्वीकार करते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए.

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उन्होंने कहा कि तीन दशकों में यह पहला मौका है जब उपचुनाव में विपक्षी उम्मीदवार चुनाव जीते है और सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवार को पराजय का सामना करना पडा है. पायलट ने कहा कि भाजपा ने धर्म और जातिवाद की राजनीति कर ध्रुवीकरण का प्रयास किया लेकिन मतदाताओं ने उसे नकार दिया. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव का बेसब्री से प्रतीक्षा कर रही है ताकि कांग्रेस को सत्ता सौंप सके. प्रदेश की जनता वसुंधरा राजे सरकार से परेशान दुखी है.

इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए तीन उपचुनाव में मतदाताओं की ओर से दिए गए जनाधार को स्वीकार किया और कहा कि हार के कारणों का विश्लेषण करेंगे और ग़लतियों को दूर कर इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा और वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा भारी बहुमत से सत्ता पर काबिज़ होगी.

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