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दोस्ती या सियासी चाल, क्या है योगी- आजम के इरादें…..?

राजनीति– उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज भले ही विपक्ष किसानो की समस्याओं को मुद्दा बनाकर मानसून सत्र के चलते विधानपरिषद की आज की कार्यवाई स्थगित कर दी गई हो मगर विधानसभा में आज एक नज़ारा वाकई देखने वाला था. दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और समाजवादी पार्टी के वरिष्‍ठ नेता आजम खान एक दूसरे का हाथ पकड़कर विधानसभा पहुंचे.

एक दूसरे को सार्वजनिक मंच पर कोसने वाले दोनो नेता आज किसी पुराने दोस्‍त की तरह दिखे. विधानसभा भवन में जाते वक्‍त दोनों धुर विरोधी नेता हंसते-मुस्‍कुराते हुए आपसी चर्चा करते दिखाई दिये. इनके साथ योगी कैबिनेट में मंत्री सुरेश खन्‍ना भी मौजूद रहे.

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बता दें कि कई मामलों पर दोनों नेताओं के बीच तीखी और विरोधी बयानबाजी सामने आ चुकी है. यूपी विधानसभा चुनाव और हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनाव में एक-दूसरे पर जमकर शब्‍दबाण चलाने वाले दोनों नेता जब विधानसभा के गलियारे में पहुंचे तो वहां मौजूद लोग दोनों को एकटक निहारते रहे. दोनों नेता पहली बार इस अंदाज में दिखे हैं.

बताते चलें कि संसद में विदायी भाषण देने के दौरान खुद योगी आदित्‍यनाथ ने भी इस बात को स्‍वीकार किया था कि सदन और सार्वजनिक मंचों से एक दूसरे के खिलाफ शब्‍दबाण छोड़ने वाले हम लोग दरअसल एक परिवार की तरह रहते हैं. उन्‍होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की विशेषता बताया था.

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शीतकालीन सत्र के पहले दिन योगी सरकार मुख्‍य रूप से बिजली के मुद्दे पर घेरी गई. बसपा नेता लाल जी वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार संकल्‍प पत्र में किये वायदे अभी तक पूरी नहीं कर पाई है, ऐसे में बिजली के दाम बढ़ा देना जनता के साथ विश्‍वासघात है. हमने 311 नियम के तहत चर्चा कराए जाने को लेकर नोटिस दिया है, लेकिन मुझे अवसर नहीं मिला. हम सरकार को मजबूर करेंगे कि बढ़ी हुई बिजली की दरों को जनता के हित में वापस लें.

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