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ऐसे आई पालिटिक्स में, केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी का जन्मदिन आज

स्मृति ईरानी का नाम कौन नहीं जनता ये वो शक्सियत है जो किसी पहचान की मोहताज नहीं है. स्टार प्लस चैनल के धारावाहिक ‘क्यूंकि साँस भी कभी बहु थी’ से प्रसिद्ध हुई थी और आज राजनीती का जाना माना चेहरा बन चुकी है. आज स्मृति ईरानी का जन्मदिन है. वह 40 साल की हो गईं। उनके जन्मदिन के मौके पर देश के दिग्गज राजनेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने स्मृति ईरानी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की है। हालांकि भूलवश उन्होंने स्मृति ईरानी को मानव संसाधन विकास मंत्री बता दिया। जबकि इन दिनों वह सूचना एवं प्रसारण और कपड़ा मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

 

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वहीं बीजेपी के सभी बड़े नेताओं में शुमार मनोज सिन्हा ने भी स्मृति ईरानी को जन्म दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। अपने ट्विटर अकाउंट पर सिन्हा ने जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ लिखा कि ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु होने की कामना करता हूं।

 

स्मृति ईरानी के पॉलिटिकल करियर की शुरुआत साल 2003 में हुई थी। उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी। क्योंकि सांस भी कभी बहू थी सीरियल से मिली प्रसिद्धी को भुनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने ईरानी को दिल्ली की चांदनी चौक लोकसभा सीट से टिकट दिया। वह कपिल सिब्बल से चुनाव हार गईं लेकिन बीजेपी ने उनके भीतर छिपा राजनेता टटोल लिया। इसी के साथ उनको साल 2004 में महाराष्ट्र यूथ विंग का उपाध्यक्ष बना दिया गया। धीरे-धीरे स्मृति ईरानी की पैठ पार्टी की भीतर मजबूत होती चली गई। वह पांच बार केंद्रीय समिति के कार्यकारी सदस्य के मनोनीत हो चुकी हैं। वहीं उन्हें राष्ट्रीय सचिव के रुप में भी नियुक्त किया जा चुका है।

 

साल 2010 में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बीजेपी की महिला मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद साल 2011 में वह गुजरात की राज्यसभा सांसद चुनी गईं। इसी साल उन्हें हिमाचल प्रदेश की महिला मोर्चा की कमान सौंपी गई। स्मृति ईरानी के लिए निर्णायक मोड़ तब आया जब उन्हें राहुल गांधी की संसदीय सीट अमेठी से चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी दी गई। इस सीट पर राहुल गांधी के अलावा आम आदमी पार्टी के कुमार विश्वास भी चुनाव लड़ रहे थे। यहां स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को कड़ी चुनौती दी।  हालांकि वह हार गईं थी लेकिन राज्यसभा सांसद होने के नाते उन्हें मोदी कैबिनेट में जगह मिली।

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