जयपुरिया इंस्टिट्यूट सतत विकास पर संगोष्ठी का आयोजन 17 मई को

जयपुरिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट लखनऊ की सोशल रिस्पांसिबिलिटी कमिटी द्वारा संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों पर काम कर रहे गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को एक मंच प्रदान करने के लिए सतत विकास पर संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा। इस संगोष्ठी के प्रथम चरण में 9 संगठन अपने कार्यो तथा लक्ष्यों पर चर्चा करेंगे। इनमे रॉबिन हुड आर्मी (हंगर), वैचारिक फाउंडेशन, एलायंस क्लब इंटरनेशनल, गोमती नगर जनकल्याण महासमिति, चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल, रॉबिन हुड आर्मी (अकादमिक), उड़ान एक आशा फाउंडेशन कानपुर, सार्थक फाउंडेशन, आदि शामिल हैं। जयपुरिया इंस्टिट्यूट सरकार और गैर-लाभकारी संगठनों के बीच एक एग्रीगेटर के रूप में कार्य करेगा। कॉन्क्लेव की थीम का उद्देश्य स्थायी शहरों और समुदायों के निर्माण, शिक्षा और ग्रामीण स्वास्थ्य देखभाल की दिशा में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों को एक साथ लाना होगा।


डॉ कविता पाठक, निदेशक, जयपुरिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, लखनऊ ने मीडिया को बताया कि सतत विकास लक्ष्यों
को संयुक्त राष्ट्र ने संसार की समुचित प्रगति के लिए बनाया था तथा समस्त राष्ट्रों की सरकारों के लिए इनके माध्यम से
कुछ नैतिक जिम्मेदारियाँ तय की। गरीबी, बेसिक शिक्षा, आदि महत्वपूर्ण सतत विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए
हमने इस पहल की शुरुआत करने के निर्णय लिया है। जयपुरिया इंस्टिट्यूट इन विषयों पर अनेक वर्षों से कार्य कर रहा
है। हमारे छात्र भी इन गंभीर विषयों पर योगदान करते हैं तथा हम अपने पाठ्यक्रमों में भी इन्हे सम्मिलित करते हैं।
यदि सरकार, शिक्षण संस्थान, तथा नीजी संस्थान एक होकर इन विषयों पर काम करें तो सतत विकास लक्ष्यों की
प्राप्ति और सुगम हो जाएगी।


डॉ. रीना अग्रवाल (अध्यक्ष, सोशल रिस्पांसिबिलिटी कमिटी) ने बताया “सतत विकास केवल सरकारों की ज़िम्मेदारी नहीं
है, अगर हम सतत विकास चाहते हैं तो समाज के सभी हितधारकों को एक साथ मिलकर इसपर कार्य करना होगा।
संगठनो, व्यवसायो, शैक्षणिक संस्थानो, तथा नागरिकों को सर्कार के साथ मिलकर सतत विकास लक्ष्य प्राप्ति के लिए
प्रायास करना होगा। पिछले 27 वर्षों से जयपुरिया इंस्टिट्यूट इस मुहिम पर अलग अलग तरीकों से काम कर रहा है।
अब जयपुरिया समाज के हित में काम कर रहे एनजीओ को सरकार से जोड़ने तथा उनके लिए अग्ग्रेगेटर का काम करेगा।”
डॉ. शुभेंद्र परिहार, प्रोफेसर, जयपुरिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट ने कहा कि “व्यक्ति, समृद्धि,सृष्टि, शांति,और, सहभागिता
स्थिरता की नींव हैं। इस विचार धरा से सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति संभव है। सहभागिता से अनेक संभावनाए उत्पन्न
होती हैं।”


कार्यक्रम में मुख्य गणमान्य श्री आलोक रंजन (पूर्व मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश); श्री हरमेश सिंह, समाज शिल्पी, वैज्ञानिक
(अवकाशप्राप्त); श्री ओम शंकर त्रिपाठी, सनाज शिल्पी, संस्थापक – युग भारती; डॉ कविता पाठक (निदेशक, जयपुरिया
प्रबंधन संस्थान, लखनऊ); डॉ. रीना अग्रवाल (अध्यक्ष, सोशल रिस्पांसिबिलिटी कमिटी); और डॉ. शुभेंद्र परिहार (प्रोफेसर,
जयपुरिया प्रबंधन संस्थान, लखनऊ) होंगे।

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