मायके में ही मारा पीटा और दिया तीन तलाक

 

 

जहानाबाद फतेहपुर

मोदी जी के द्वारा लाए गए तीन तलाक कानून का दबदबा अभी आम जनता में देखने को नहीं मिल रहा है बेटियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए इस कानून को और भी सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है ताकि किसी बेटी का बसा बसाया घर न उजड़ सके जीवन भर साथ रहने की कसमें खाने वाले चंद कागज़ के टुकड़ों के पीछे अपने जीवन में अशांति और जहर कैसे घोल लेते हैं इसका एक वाकया फतेहपुर के बिंदकी तहसील के जहानाबाद थाना क्षेत्र के गढ़ी मोहल्ले में देखने को मिला जहां पर पति ने पत्नी को पहले तो लात घुसा से से मारा उसके बाद तलाक, तलाक, तलाक, बोलकर सभी रिश्ते समाप्त कर लिए लेकिन ऐसा करना क्या सामाजिक स्तर पर उचित है समाज के ठेकेदारों को इस बात को समझना चाहिए और इस पर और सख्ती से पेश आना चाहिए ताकि किसी अबला का घर ना उजड़ सके क्योंकि इसका खामियाजा उसे जीवन भर भुगतना पड़ता है।

 

 

 

 

 

शबनम पुत्री मोहम्मद शकील का विवाह 17 जून 1912 को मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार नियाज उर्फ बाबू पुत्र रियाज निवासी ग्राम अहिरौली शेख थाना भोगनीपुर, जिला कानपुर देहात के साथ बड़े धूमधाम से दोनों पक्षों के रिश्तेदारों एवं इष्ट मित्रों के देखरेख में संपन्न हुआ था जिसमें कन्या पक्ष ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार पुत्री शबनम को दान दहेज दिया था विवाह के एक वर्ष बाद से लगातार प्रार्थिनी को पति मोहम्मद नियाज पुत्र मोहम्मद रियाज सास कुरेशा बेगम बहनोई वसीम व नंद जुनेजा उर्फ नेहा लगातार शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते चले आ रहे हैं कारण पति का कहना है की शबनम अपने पिता से ₹200000 लाकर उसे दे, पहले तो शबनम यह सब बर्दाश्त करती रही परंतु यह विवाद जब बहुत बढ़ा तो 6 अक्टूबर 2019 को नियाज अपनी पत्नी को लेकर मोहल्ला गढ़ी जहानाबाद इस शर्त पर पत्नी के घर आया की वह उसे ₹200000 दिलाएगी तभी वह उसे पुनः वापस लाएगा नहीं तो नहीं लाएगा जब शबनम अपने घर आई तो उसने अपने पिता से उक्त बातें बताया तो पिता जो कि मजदूरी करके अपने घर का खर्च चलाते हैं

 

 

 

 

 

 

 

 

उन्होंने पास पड़ोस से उधार लेकर किसी तरीके से ₹58000 इकट्ठा किए और नियाज को देते हुए कहा की ₹58000 रख लो बाकी के पैसे मैं अगले 6 महीने में व्यवस्था करके दे दूंगा लेकिन तुम लोग खुशहाल रहो मेरी यही इच्छा है इतनी बात सुनकर नियाज आग बबूला हो गया और शबनम को लात घूसे से मारा पीटा जब घर में मारपीट का माहौल मोहल्ले वालों ने देखा तो उन्होंने आकर शबनम को बचाया, उसके बाद नियाज ने तीन बार तलाक तलाक तलाक बोलकर शबनम से अपने रिश्ते खत्म कर लिए और कहा कि अब मैं तुमको अपने साथ नहीं ले जाऊंगा क्योंकि मैंने तुमको तलाक दे दिया है और इसके बाद वह अपने घर ग्राम अहिरौली शेख थाना भोगनीपुर जिला कानपुर देहात चला गया। अब सवाल यह पैदा होता है की क्या पुलिस और कानून इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़िता को त्वरित न्याय दिला पाएगा क्या कानून के तहत सुझाए गए उपायों के आधार पर पीड़िता के लिए पुनर्वास की त्वरित व्यवस्था की जाएगी यह सब सवाल तो अभी भविष्य के गर्भ में है लेकिन पीड़िता का कोई पुरसा हाल नहीं है

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