कुकुरमुत्तो की तरह खुल रहे मेडिकल व बन रहे झोलाछाप डॉक्टर

 

गोला गोकरननाथ खीरी।न्यायालय के सख्त आदेश के बाद भी क्षेत्र में फैली कुकुरमुत्ता की तरह झोलाछाप डॉक्टरों के दवाखाने पर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है । समस्त गोला  तहसील क्षेत्र के कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के झोलाछाप डॉक्टर विभाग की कमाई का जरिया बने हुए हैं ।क्लीनिक के कंपाउंडर ओं की तरक्की पाकर बने एक झोलाछाप डॉक्टरों की गिनती करना मुश्किल होता जा रहा है ।गांव की गलियों से लेकर कस्बों  के मुख्य मार्गो पर डॉक्टरों के क्लिनिको का संचालन बेखौफ होकर किया जा रहा है ।साथ ही गोला नगर के सटे और अवैध नर्सिंग होम चल रहे हैं।

 

 

 

 

 

जहां से स्वास्थ्य विभाग के आला हुक्मरान अपनी गाड़ियों से रोजाना गुजरते हैं ।विभाग के जिम्मेदारों द्वारा इन झोलाछाप डॉक्टरों की  सह पर  अवैध नर्सिंग होम व झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई के नाम पर मात्र वसूली किए जाने की सूचना मिलती है। गोला तहसील क्षेत्र के झोलाछाप अपने-अपने तार विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों से जुड़े रखते हैं। विभाग द्वारा इन पर कार्रवाई करने वाली टीम का रूट चार्ट रास्तों पर पड़ने वाले झोलाछाप डाक्टरों तथा फोन द्वारा पहले ही मालूम हो जाता है ।और डॉक्टर साहब का क्लीनिक बंद हो जाता है ।सुप्रीम कोर्ट ने लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं ।

 

 

 

 

झोलाछाप डॉक्टरों के प्रति कडा रूख करते  हुए उनकी  तत्काल रोक लगाने को कार्यवाही करने के आदेश दिए थे। लेकिन विभाग की ढुलमुल वा खाऊ कमाऊ नीति के चलते इन प्रैक्टिस करने वालों के हौसले काफी बुलंद है ।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के मरीजों का इलाज कर रहे हैं ।साधारण बुखार से लेकर गंभीर रोगों में भी झोलाछाप डॉक्टर इलाज करने से नहीं चूकते हैं ।योग्यता  भाव में गलत इलाज करने से कई बार मरीज असमय ही काल के गाल में समा जाते हैं। बारिश का मौसम आते ही जुकाम बुखार आदि कई प्रकार की फैलने वाली बीमारियों का नाजायज फायदा उठाने के लिए झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकानें सजाए हुए बैठे हैं ।इस तरह के झोलाछाप डॉक्टर जो मात्र हाई स्कूल या उसके सम कक्ष है ।

 

 

 

 

 

किसी के यहां कुछ  दिन  कम्उडर अपने को संपूर्ण डाक्टर घोषित कर लेते हैं ।साथ में अपने क्लीनिक चला रहे हैं ।जो आने वाले मरीजों से धन ऐंठने के साथ उनकी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं ।विभाग के जिम्मेदारों का अवैध रूप से अपना क्लीनिक संचालित करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों के क्रियाकलाप के बारे में सारी जानकारी उपलब्ध रहती है ।यहां तक कि कई बार समाचार पत्रों में दिए जाने के बावजूद भी कोई फर्क नहीं पड़ता है ।आज तक झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के दावे स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे हैं ।पर इस दावे खोखले साबित होते जा रहे हैं ।कहीं-कहीं पर तो अवैध रूप से मेडिकल चलाए जा रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

 

ना तो उनके पास लाइसेंस है ना तो उनके पास कोई भी डिग्री है । और यह मेडिकल वाले नशीली दवाइयां इंजेक्शन भी  बेचते हैं। वह स्वयं इलाज भी करते हैं ।ऐसा देखने को मिल जाता है। कहीं-कहीं क्लीनिक पर और कहीं-कहीं मेडिकल स्टोर पर अब यह  देखना है कि ।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस तरफ ध्यान देते हैं या ऐसे ही मजदूर गरीब बेचारे झोलाछाप डॉक्टरों के शिकार होते रहेगे|

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