मप्र : नक्सल प्रभावित इलाके में सड़क हादसे पर गरमाई सियासत

मप्र : नक्सल प्रभावित इलाके में सड़क हादसे पर गरमाई सियासत

बालाघाट| मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बीती रात विधानसभा उपाध्यक्ष हिना कांवरे के फॉलो वाहन को मारी गई टक्कर में तीन पुलिस कर्मियों सहित चार लोगों की मौत हो गई। इस मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। सरकार जहां मामले की जांच कराने की बात कह रही है, वहीं भाजपा ने एक बार फिर राज्य में नक्सलवाद के बढ़ने का सवाल उठाया है। हिना कांवरे रविवार देर रात लगभग साढ़े 12 बजे जिला मुख्यालय बालाघाट से लॉजी लौट रही थीं। नक्सल प्रभावित इलाका होने के कारण सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। इसी के तहत उनके साथ सुरक्षा बल के कई वाहन थे। इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रक ने कांवरे के फॉलो वाहन को टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन पुलिसकर्मी व एक चालक की मौत हो गई।

उल्लेखनीय है कि बालाघाट नक्सल प्रभावित जिला है। हिना कांवरे के पिता लिखीराम कांवरे की नक्सलियों ने दिसंबर 1999 में हत्या कर दी थी। उस दौरान वह तत्कालीन दिग्विजय सिंह की सरकार में मंत्री थे। रविवार रात हुए हादसे को नक्सली साजिश के भी कोण से देखा जा रहा है।

भाजपा ने रविवार रात हुए सड़क हादसे को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी के नेता राहुल कोठारी ने ट्वीट कर कहा है, “हिना कांवरे के काफिले के साथ बालाघाट में हुई भीषण दुर्घटना एवं सुरक्षाकíमयों की मौत की जांच तत्काल एसआईटी से कराई जाए। कहीं कांग्रेस सरकार आते ही मध्यप्रदेश में नक्सलवाद फिर से हावी तो नहीं हो गया?”

राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी. सी .शर्मा ने यहां हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्घांजलि देते हुए कहा कि बालाघाट नक्सल प्रभावित क्षेत्र है, शंकास्पद स्थिति है।

गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा है कि घटना की जांच कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बयान जारी कर मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा है, “विधानसभा उपाध्यक्ष हिना कांवरे की सुरक्षा में तैनात तीन सुरक्षाकíमयों सहित चार लोगों की सड़क हादसे में मृत्यु दुर्भाग्यपूर्ण और काफी दुखद है। सभी मृतकों को भावभीनी श्रद्घांजलि।”

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, “विस उपाध्यक्ष के काफिले में शामिल, सड़क हादसे में हताहत चार सुरक्षाकíमयों को श्रद्घांजलि अíपत करता हूं। मैं सरकार से मांग करता हूं कि इन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए, परिजनों को एक करोड़ रुपये सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को नौकरी प्रदान की जाए, जैसा हमारी सरकार में प्रावधान था।”

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