नेपाल प्रधानमंत्री

भगवान राम पर नेपाली PM ओली का विवादित बयान, अयोध्या के संतों में रोष, धर्मादेश जारी

नई दिल्‍ली। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भगवान राम को लेकर एक विवादित बयान दे दिया है, जिससे अयोध्या के संत आक्रोशित हो गए हैं। राम दल ट्रस्ट के अध्यक्ष रामदास महाराज ने कहा है कि आज से नेपाल में उनके शिष्य ओली के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरेंगे। वेद और पुराण में वर्णन का जिक्र करते हुए रामदास महाराज ने कहा कि नेपाल में सरयू है ही नहीं।

क्‍या कहा था प्रधानमंत्री ओली ने?

दरअसल, नेपाल के प्रधानमंत्री ओपी शर्मा ओली का दावा है कि भगवान् श्रीराम की नगरी अयोध्या भारत के उत्तर प्रदेश में नहीं बल्कि नेपाल के बाल्मिकी आश्रम के पास है। बाल्मिकी रामायण का नेपाली अनुवाद करने वाले नेपाल के आदिकवि भानुभक्त की जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए ओली ने यह दावा किया।

पीएम ओली ने कहा कि हमलोग आज तक इस भ्रम में हैं कि सीता का विवाह जिस राम से हुआ है, वह भारतीय हैं। वह भारतीय नहीं बल्कि नेपाली ही हैं। जनकपुर से पश्चिम में रहे बीरगंज के पास ठोरी नामक जगह में एक बाल्मिकी आश्रम है, वहां के ही राजकुमार राम थे। बाल्मिकी नगर नामक जगह अभी बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले में है, जिसका कुछ हिस्सा नेपाल में भी है।

रामदास महाराज ने जारी किया धर्मादेश   

ट्रस्‍ट के अध्‍यक्ष रामदास महाराज ने कहा कि मेरे लाखों शिष्य नेपाल में रहते हैं और कल से लाखों की संख्या में भक्त सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे। नेपाली पीएम केपी शर्मा ओली को एक महीने के अंदर कुर्सी से उतरना पड़ेगा। यह धर्मादेश मैं जारी करता हूं। मेरे शिष्य सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करें और ओली को सत्ता से बाहर करें।

रामदास महाराज ने कहा कि पूरे विश्व की संस्कृति राजधानी अयोध्या है। वेद, रामायण या पुराण में देख लीजिए, उसमें साफ लिखा है कि जहां सरयू है, वहां अयोध्या है। नेपाल में तो सरयू है ही नहीं। पूरे भू-मंडल में राजा होते थे और सबका चक्रवर्ती सम्राट भारत के उत्तर प्रदेश के अयोध्या के महाराज होते थे।

केपी शर्मा खुद नेपाली नहीं हैं- महंत परमहंस

वहीं, धर्मगुरू महंत परमहंस ने कहा कि केपी शर्मा खुद नेपाली नहीं हैं। केपी शर्मा पूरे नेपाल को पाकिस्तान की तर्ज पर भिखारी बनाने पर तुले हैं। नेपाल की जनता को धोखा दे रहे हैं। चीन ने नेपाल के दो दर्जन से अधिक गांव पर कब्जा कर रखा है। उसको छिपाने के लिए भगवान राम के नाम का आश्रय ले रहे हैं।

इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि हमारे लिए अयोध्या एक है और अयोध्या यही रहेगा। राजनीति में कोई कुछ भी बोल सकता है, लेकिन मुख्य अयोध्या वह है, जहां सरयू माता हैं। राम जी का अयोध्या यही है।

डिप्‍टी सीएम केशव प्रसाद ने भी साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी ट्वीट करते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री पर निशाना साधा।

अपने घर में भी घिरे प्रधानमंत्री ओली

नेपाल के पूर्व विदेश मंत्री रमेश नाथ पांडे ने ओली के बयान पर ट्वीट करते हुए, “धर्म राजनीति और कूटनीति से ऊपर है। यह बहुत ही भावनात्मक विषय है। बेतुकी बयानबाजी से केवल शर्मिंदगी महसूस कराती है। अगर असली अयोध्या बीरगंज के पास है तो फिर सरयू नदी कहां है।

वहीं, नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बाबू राम भट्टाराई ने ओली के बयान को बेतुका बताया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए अपने ट्वीट में लिखा, “आदि-कवि ओली द्वारा रचित कल युग की नई रामायण सुनिए, सीधे बैकुंठ धाम की यात्रा करिए।”

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