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हृदय रोग

मौसम में उतार चढाव, कानपुर के हृदय रोग संस्थान (कॉर्डियोलॉजी) में लगा मरीजों का तांता

मौसम में उतार-चढ़ाव बुजुर्गों और कमजोर दिल वालों पर भारी पड़ रहा है। अभी कड़ाके की सर्दी भले ही न पड़ रही हो पर हृदय रोग संस्थान (कॉर्डियोलॉजी) में बुधवार को मरीजों का तांता लग गया। शाम तक संस्थान के सारे बेड और स्ट्रेचर तक फुल हो गए। ओपीडी में एक दिन में रिकॉर्ड 846 पर्चे बने। साथ ही हार्ट अटैक से एक महिला की मौत भी हो गई।

 

हृदय रोग संस्थान के निदेशक प्रो. विनय कृष्णा ने बताया कि कार्डियोलॉजी में बुधवार को इस सीजन की रिकॉर्ड भीड़ आई। 846 मरीजों के एक दिन में पर्चे बने तो सभी हैरान हैं। अब तक मरीजों की संख्या चार सौ के आसपास रही है। दो दिन से मरीज बढ़ रहे थे पर बुधवार को तो मरीजों की भीड़ के चलते सारे बेड फुल हो गए हैं। कार्डियोलॉजी फुल हुई तो सभी डॉक्टरों को हाई अलर्ट पर कर दिया गया है।

 

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संस्थान के डॉक्टर भी बुधवार को मरीजों की भीड़ देख हैरान हो गए। 12 बजे तक डॉ. एसके सिन्हा की ओपीडी के लिए 746 पर्चे बन गए तो गैलरी तक जमीन में बैठे मरीजों को लौटने के लिए कहा गया क्योंकि संस्थान में उनके बैठने तक की जगह फुल हो गई। 12 बजे पर्चे बंद करने को कहा गया तो मरीज हटे नहीं और डॉक्टरों से देखने की गुहार करते रहे। मरीजों व तीमारदारों का दबाव बढ़ा तो एक बजे निदेशक के आदेश पर फिर से काउंटर पर पर्चे बने। सौ पर्चे और बने तो डॉक्टर शाम 5 बजे तक मरीजों को देखते रहे। वहीं, हृदय रोग संस्थान में बुधवार को फेथफुलगंज की जोहरा (50) ने डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी दमतोड़ दिया।

 

शाम को हार्ट अटैक के 46 मरीज इमरजेंसी में भर्ती किए गए। शाम चार बजे कार्डियोलॉजी फुल हो गया। दो दिन से 109 मरीज यहां पहले ही भर्ती किए जा चुके हैं। 160 बेड फुल होने के बाद 15 स्ट्रेचर पर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया गया। मरीजों की संख्या बढ़ते देख संस्थान ने निदेशक ने डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया है। डॉक्टरों की दो अतिरिक्त टीमें भी बना दीं गई हैं

सर्दी में तापमान में उतार-चढ़ाव से रक्त की धमनियां सिकुड़ने लगती हैं।
धमनियां सिकुड़ने से शरीर का रक्तचाप बढ़ता है।
ऐसे में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक की संभावना एकदम से बढ़ जाती है।

 

कैसे करे बचाव –

ठंड में 50 पार लोगों को सतर्क होना पड़ेगा। एकदम से बिस्तर को न छोड़ें।
कोशिश करें कि ठंड में निकलने से परहेज करें। निकलें तो पैर, सिर व कान को ढक कर निकलें।
कभी भी खाली पेट घर से न निकलें क्योंकि इससे धमनियां जल्द सिकुड़ने लगती हैं।
हाइपरटेंशन और डायबिटीज के मरीज ज्यादा सतर्क रहें। उन्हें ठंड में तकलीफ एकदम से बढ़ सकती है
ठंड में पौष्टिक खाद्य पदार्थ लें। सुबह ठीक से नाश्ता करके ही निकलें।
बच्चों को सर्दी में कमरे में रखें। अंदर-बाहर न करने दें।
जैसे ही उलझन और सीने-गर्दन के पीछे दर्द का अहसास हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
बाथरूम में 60 पार लोगों पर परिजनों को नजर रखनी चाहिए। साथ ही कपड़े पहनकर जाएं।
डायबिटीज और रक्तचाप की दवा लेने वाले दो दिन में एक बार बीपी चेक कराएं।
सुबह गर्म खाना खाकर ही निकलें पर कम खाएं। पानी भी लगातार पीते रहें।
कोशिश कर सकें तो हल्का गुनगुना पानी पिएं, सब्जी, फल और प्रोटीन ज्यादा से ज्यादा लें।

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