Breaking News

परफेक्ट नींद चाहने वाले होते है बीमारी के शिकार ,जाने क्या है बीमारी …

एक शोध के मुताबिक जो लोग पूरी नींद चाहते है वो एक नए तरह की बीमारी का शिकार होते जा रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस डिसऑर्डर को ‘ऑर्थोसोम्निया’ कहा गया जिसमें ऑर्थो का मतलब है सीधा या करेक्ट और सोम्निया का मतलब है सोना। यह उन लोगों को प्रभावित कर रहा है जो अपने सोने और फिटनेस ट्रैकर्स से आने वाले रिजल्ट को लेकर ज्यादा परेशान रहते हैं।

ये भी पढ़े -आज का राशिफल जाने कैसे होगा आपका दिन

 

रिपोर्ट के  मुताबतिक, ‘स्लीप ट्रैकिंग डिवाइस को पहनकर सोने का चलन आजकल तेजी से बढ़ रहा है और इससे लोगों को अपना सोने का पैटर्न जानने का मौका मिलता है। हालांकि कई ऐसे लोगों की संख्या भी बढ़ रही है जो लोग नींद से जुड़ी समस्याओं का इलाज ढूंढ़ रहे हैं और उन्होंने यह समस्याएं स्लीप ट्रैकर की मदद से खुद ही डायग्नोज की हैं।’ स्लीप ट्रैकर पर भरोसा करके लोगों को लगने लगता है कि वे वाकई किसी स्लीप डिसऑर्डर से ग्रस्त हैं, भले ही ऐसा कुछ न हो
लोग अच्छी नींद के लिए परेशान होने लगते हैं। यूएस में करीब 10 फीसदी लोग स्लीप ट्रैकर पहनते हैं, शोध में पाया गया कि ये लोग खुद से डायग्नोज की गई सोने की समस्या का इलाज ढूंढ़ते रहते हैं। सोकर उठने के बाद लोगों का शरीर कैसा महसूस कर रहा है, इस पर यकीन करने के बजाय देखा गया कि मरीज स्लीप ट्रैकर पर ज्यादा भरोसा कर रहे थे कि उन्हें अच्छी नींद आई या नहीं।

हालांकि यह नहीं पता चल सका कि स्लीप-ट्रैकर से पता लगाने से पहले उन्हें ये समस्याएं थी या नहीं। नेशनल स्लीप फाउंडेशन के मुताबिक, अडल्ट्स को सात से नौ घंटे की नींद की जरूरत होती है। यह अवधि हर व्यक्ति के हिसाब से अलग हो सकती है। लेकिन अगर आप सोकर उठने के बाद रिफ्रेश फील कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि आपको अच्छी नींद आई। ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*