मन की बात

 ‘मन की बात’ का 50वां एपिसोड संबोधित कर रहे पीएम मोदी, साझा करेंगे व्यक्तिगत अनुभव

आकाशवाणी पर प्रसारित किए जाने वाला कार्यक्रम ‘मन की बात’ जिसके जरिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नागरिकों को संबोधित करते हैं। 3 अक्तूबर 2014 को इस कार्यक्रम का पहला एपिसोड प्रसारित किया गया था, और अब  पीएम मोदी इसका 50वां एपिसोड संबोधित कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में कई अलग-अलग मुद्दों पर बात होगी। एक वाकया याद करते हुए पीएम ने हिमाचल की पहाड़ियों का जिक्र किया और अपने कुछ व्यक्तिगत अनुभव साझा किए।

 ‘मन की बात’ का 50वां एपिसोड संबोधित कर रहे पीएम मोदी, साझा करेंगे व्यक्तिगत अनुभव….

ये है वाक्या…

‘मन की बात’ कार्यक्रम का 50वां एपिसोड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को संबोधित कर रहे हैं। एक वाकये को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘ये 1998 की बात है, मैं भारतीय जनता पार्टी के संगठन के कार्यकर्ता के रूप में हिमाचल में काम करता था। मई का महीना था और मैं शाम के समय सफर करता हुआ किसी और स्थान पर जा रहा था।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हिमाचल की पहाड़ियों में शाम को ठण्ड तो हो ही जाती है, तो रास्ते में एक ढाबे पर चाय के लिए रुका और जब मैं चाय के लिए ऑर्डर किया तो उसके पहले, वो बहुत छोटा सा ढाबा था, एक ही व्यक्ति खुद चाय बनाता था, बेचता था। ऊपर कपड़ा भी नहीं था ऐसे ही रोड के किनारे पर छोटा सा ठेला लगा के खड़ा था। तो उसने अपने पास एक शीशे का बर्तन था, उसमें से लड्डू निकाला, पहले बोला –साहब, चाय बाद में, लड्डू खाइए। मुंह मीठा कीजिए।’

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, मैं भी हैरान हो गया तो मैंने पूछा क्या बात है कोई घर में कोई शादी-वादी कोई प्रसंग-वसंग है क्या। उसने कहा नहीं-नहीं भाईसाहब, आपको मालूम नहीं क्या? अरे बहुत बड़ी खुशी की बात है वो ऐसा उछल रहा था, ऐसा उमंग से भरा हुआ था, तो मैंने कहा क्या हुआ! अरे बोले आज भारत ने बम फोड़ दिया है। मैंने कहा भारत ने बम फोड़ दिया है! मैं कुछ समझा नहीं! तो उसने कहा – देखिए साहब, रेडियो सुनिए। तो रेडियो पर उसी की चर्चा चल रही थी। और तब से मेरे मन में एक बात घर कर गई थी कि रेडियो जन-जन से जुड़ा हुआ है और रेडियो की बहुत बड़ी ताकत है।

प्रधानमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब उन्होंनें ‘मन की बात’ शुरू किया तभी उन्होंनें तय किया था कि न इसमें राजनीति हो, न इसमें सरकार की वाह-वाही हो, न इसमें कहीं मोदी हो और उनके इस संकल्प को निभाने के लिए सबसे बड़ा संबल, सबसे बड़ी प्रेरणा मिली लोगों से। उन्होंनें कहा कि मोदी आएगा और चला जाएगा लेकिन यह देश अटल रहेगा, हमारी संस्कृति अमर रहेगी। 130 करोड़ देशवासियों की छोटी-छोटी यह कहानियां हमेशा जीवित रहेंगी। इस देश को नई प्रेरणा में उत्साह से नई ऊंचाइयों पर लेती जाती रहेंगी।

मन की बात का कई बार बनें मज़ाक पर पीएम मोदी ने कहा कि इस कार्यक्रम का कभी मजाक भी उड़ता है लेकिन उनके मन में हमेशा ही 130 करोड़ देशवासी बसे रहते हैं। देशवासियों का मन उनका मन है। मन की बात सरकारी बात नहीं है, यह समाज की बात है। मन की बात महत्वाकांक्षी भारत की बात है।

बता दें…

नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही मन की बात कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसके जरिये वे लोगों के मुद्दे उठाते हैं और इस पर अपनी राय भी जाहिर करते हैं।

ये भी जानें….

मन की बात कार्यक्रम में अमेरिकी के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी शामिल हो चुके हैं। वह एपिसोड 26 जनवरी 2015 को प्रसारित हुआ था। उस प्रोग्राम में बराक ओबामा ने अपने कुछ व्यक्तिगत अनुभव साझा किए थे और बताया था कि उन्होंने जिंदगी के लक्ष्य कैसे हासिल किए।

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