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राममंदिर उन्हीं की अगुवाई में बनेगा जो इसका झंडा उठाकर पिछले 20-25 सालों से चल रहे-मोहन भगवत

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के चीफ मोहन भागवत ने कहा कि है राम मंदिर अयोध्या में राम जन्मभूमि पर ही बनेगा. उन्होंने कहा, राम जन्मभूमि पर राम मंदिर ही बनेगा और कुछ नहीं बनेगा, उन्हीं पत्थरों से बनेगा, उन्हीं की अगुवाई में बनेगा जो इसका झंडा उठाकर पिछले 20-25 सालों से चल रहे हैं. कर्नाटक के उदुपी में शुक्रवार (24 नवंबर) से शुरू हुए विश्व हिंदु परिषद् की तीन दिवसीय ‘धर्म संसद’ में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने यह बात कही.

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‘धर्म संसद’ के आयोजकों ने बताया कि देशभर से दो हजार से ज्यादा संत, मठाधीश और वीएचपी नेता इस सम्मेलन में शामिल हुए हैं. इसमें जाति और लिंग के आधार पर होने वाले भेदभाव जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी और हिंदु समाज के बीच सौहार्द लाने के तरीकों की तलाश की जाएगी.

धर्मांतरण को रोकने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी

उदुपी के पेजावर मठ के ऋषि श्री विश्वेष तीर्थ स्वामी के मुताबित सम्मेलन में गौ रक्षा, छुआछूत का सफाया, समाज सुधार और धर्मांतरण को रोकने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. उन्होंने बताया कि धर्म संसद को “राजनीति और राजनीतिक एजेंडे” से पूरी तरह अलग रखा जाएगा और यह विशुद्ध रूप से हिंदु संतों का एक सम्मेलन होगा.

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इससे पहले मुंबई के कुछ मुस्लिम संगठनों ने अयोध्या मामले को हल करने को लेकर उच्चतम न्यायालय में उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड की ओर दायर हलफनामे का बीते 23 नवंबर को विरोध किया और कहा कि यह शिया और समुदायों में ‘दरार’ डालने की कोशिश है. शिया वक्फ बोर्ड ने सोमवार (20 नवंबर) को जो मसौदा पेश किया उसमें अयोध्या के विवादित स्थल से दावा छोड़ने और लखनऊ में ‘मस्जिद-ए-अमन’ के निर्माण की बात की गई है.

शिया बोर्ड समुदायों के बीच में बढ़ा कर रहा दरार

‘शिया सुन्नी इत्तेहाद फोरम’ (एसएसआईएफ) और अवामी विकास पार्टी (एवीपी) ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में शिया बोर्ड के प्रस्ताव और हलफनामे का विरोध किया. एवीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमशेर खान पठान ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के कदम से शिया और सुन्नी समुदायों के बीच अनाश्यक दरार पैदा हो गई है.

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