पिछले साल से कम हुईं रबी फसलें, बुवाई के ताजा आंकड़ों में गिरावट दर्ज

नई दिल्ली: इस साल सरसों को छोड़ सभी प्रमुख रबी फसलों की बुवाई पिछले साल से कम हुई है। देशभर में रबी फसलों की बुवाई के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गेहूं, चना, मसूर, मक्का, ज्वार, जौ, मूंगफली समेत ज्यादातर फसलों का रकबा पिछले साल के मुकाबले घट गया है।

सभी रबी फसलों का बुवाई क्षेत्र पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 4.75 फीसदी घटकर 581.50 लाख हेक्टेयर रह गया है। पिछले साल अब तक 610.51 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बुवाई हो चुकी थी।

केंद्रीय कृषि एवं कल्याण मंत्रालय की ओर से इस सप्ताह जारी देशभर के रबी फसलों की बुवाई के आंकड़ों के अनुसार, गेहूं का रकबा पिछले साल के मुकाबले 2.14 फीसदी घटकर 294.07 लाख हेक्टेयर रह गया है। पिछले साल देशभर में 300.51 लाख हेक्टेयर में अब तक गेहूं की बुवाई हो चुकी थी। चना का रकबा पिछले साल के मुकाबले 10.14 फीसदी कम है।

फसल वर्ष 20118-19 (जुलाई-जून) के रबी बुवाई सीजन में दलहनों की बुवाई अब तक 147.91 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल की समान अवधि के रकबे से 5.90 फीसदी कम है।


पिछले साल अब तक 156.90 लाख हेक्टेयर में दलहनों की बुवाई हो चुकी थी। प्रमुख रबी दलहन चना का रकबा 94.61 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल के समान अवधि के रकबे 105.28 लाख हेक्टेयर से 10.14 फीसदी कम है। मसल की खेती किसानों ने 16.77 लाख हेक्टेयर में की है, जो पिछले साल के 17.10 लाख हेक्टेयर के रकबे से 1.89 फीसदी कम है।

मोटे अनाज का रकबा 44.98 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 15.47 फीसदी कम है। मोटे अनाज में मक्के का रकबा पिछले साल से 10.26 फीसदी घटकर 13.61 लाख हेक्टेयर रह गया है।

वहीं, जौ का रकबा 7.13 लाख हेक्टेयर है जो पिछले साल के 7.40 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 3.63 फीसदी कम है। प्रमुख मोटा अनाज ज्वार का रकबा 23.54 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल की समान अवधि के 30.08 लाख हेक्टेयर से 21.72 फीसदी कम है।

तिलहनों का रकबा 77.97 लाख हेक्टेयर हो चुका है जो पिछले साल के 78.75 लाख हेक्टेयर से 0.99 फीसदी कम है, लेकिन सरसों का रकबा पिछले साल के मुकाबले 2.54 फीसदी बढ़ गया है।

सरसों की बुवाई का क्षेत्र 68.28 लाख हेक्टेयर में हो चुका है, जबकि पिछले साल अब तक 66.60 लाख हेक्टेयर था। मूंगफली का रकबा पिछले साल से 19.45 फीसदी घटकर 4.07 लाख हेक्टेयर रह गया है।

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