एस.एस. पी. कलानिधि नैथानी

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने इन दो थानेदारों को लगाई जमकर फटकार

इंडिया जंक्शन -लखनऊ

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने थानों की ब्रिफिंग के दौरान कामचोर पुलिसवालों की ली खबर 

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के थाना बक्शी का तालाब में सुबह से एसएसपी कलानिधि नैथानी के आने का इंतजार हो रहा था। थाने की साफ-सफाई में पूरा थाना लगा हुआ था। कोई अपनी टोपी बार- बार शीशे में देख रहा था तो कोई अपनी वर्दी… सबके अन्दर कहीं न कहीं डर छुपा हुआ था। एसएसपी मलीहाबाद थाने में लापरवाह पुलिस वालों के पेंच कसने में लगे थे। मानो कामचोर पुलिस वालों की सामत आ गई हो। अपने फर्ज व ड्यूटी के प्रति समर्पित एसएसपी का इंतजार लम्बा होता जा रहा था। थाने में टेंट लाइट की व्यवस्था आदि पूरी की जा चुकी थी।

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टेंट के नीचे लगी कुर्सियों पर इटौंजा के कोतवाल व दरोगा विराजमान थे। वहीं बक्शी का तालाब के कोतवाल की अनुपस्थिति के साथ सभी दरोगा मौजूद थे। सूरज ढल चुका था तभी सभी के कानों में सायरन की आवाज़ सुनाई दी। सभी अपनी कुर्सी से उठकर खड़े हो गए मगर वो सायरन की आवाज़ एम्बुलेंस की थी| सबने राहत की सांस ली मानो जिस तरह से लापरवाह छात्र सख्त गुरुजन के आने से घबराते हों वही हाल थाने में मौजूद पुलिसवालों का था।

 

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आखिरकार सभी के इंतजार की घड़ियां समाप्त हो गईं..  एसएसपी लखनऊ थाने में प्रवेश कर चुके थे। एसएसपी जैसे ही कुर्सी पर बैठे उन्होंने सबसे  पहला सवाल किया कि इस टेंट की क्या जरुरत थी ? मैं तो खेत में भी बैठकर बात कर सकता था। इतना कहते ही उनकी नज़र रजिस्टर  पर पड़ी। रजिस्टर खोल कर देखा और सवाल किया एक साल पुराने मोटर साइकिल एक्सीडेंट के केस में गाड़ी मालिक को अब तक क्यों नहीं पकड़ा ? दोस्ती निभा रहे हो ?  जवाब में दरोगा बगले झांकने लगे।  बी.के.टी. के दरोगा की बोलती बंद हो गई। एसएसपी ने दुबारा पूंछा कितने चालन किये,कितने चोर पकड़े ? क्यों न तुमको यहीं से पुलिस लाइन भेज दिया जाए..।

रजिस्टर पर निगाह पड़ी दूसरा मुकदमा 420,419 का था। दूसरे दरोगा का नम्बर था। एसएसपी ने जैसे ही कहा कि इस मुक़दमे में क्या हुआ ? दरोगा ने कहा साहब फरार हैं। एसएसपी ने कहा तुमने क्या किया इनाम रखके पोस्टर लगवाए सर्विलांस की मदद ली? कोर्ट जाकर वारंट निकलवाया सांठ- गाठ है क्या तुम्हारी जो अब तक अपराधी फरार है ये मैं चलने नहीं दूंगा ।

 

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वहीं एक ओर बैठे इटौंजा कोतवाल मंद-मंद मुस्करा रहे थे कि एसएसपी की निगाह उन पर पड़ी और शुरू हो गई इटौंजा थानेदार की क्लास। यहां का हाल भी मिलता- जुलता मिला। एसएसपी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि, सभी चौकन्ने होकर काम करिए राजस्थान के डकैत हमेशा सक्रिय रहते हैं|

उन्होंने कहा रात में लोडरों को रोकर तलाशी लेकर ही जाने दिया जाए। शराब की दुकान के बाहर शराबियों का उत्पात रहता है उनको सबक सिखाइये। आवारा लड़कों की तलाशी लीजिये यदि गांव में कोई घटना घटती है तो फ़ौरन जाकर मामले में उचित कार्रवाई करें।  100 नम्बर की बात आते ही एसएसपी ने उसमें भी सुधार की जरुरत की बात कही।

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