हाईकोर्ट

…. तो इस वजह से आधार और राशन कार्ड को लेकर हाईकोर्ट ने दिया बड़ा आदेश!

…. तो इस वजह से आधार और राशन कार्ड को लेकर हाईकोर्ट ने दिया बड़ा आदेश!

राशन कार्ड और आधार कार्ड को लेकर हाईकोर्ट ने एक बड़ा आदेश जारी किया है। इस आदेश में आधार कार्ड और राशन कार्ड का डाटा एक जैसा करने का फैसला है। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने यह फैसला राशन कार्ड वितरण में हो रही धांधली को लेकर किया है, ताकि ऐसे घपलों पर अंकुश लगाया जा सके।

ये है पूरा मामला

हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने आधार व राशन कार्ड का देता एक जैसा करने का आदेश जारी किया है। अदालत ने प्रदेश सरकार से अपेक्षा जताई है कि वह यूआईडीएआई के सर्वर पर कार्डधारकों की सीडिंग नौ महीने में पूरा कर लेगी। राशन कार्ड वितरण में हो रहे घपलों के मद्देनजर इस फैसले में स्तिथी में सुधार की नई किरण दिखी है।

जानकारी के मुताबिक अदालत के न्यायमूर्ति अताउर्रहमान मसूदी के द्वारा जारी किए गए इस आदेश में राशन दुकान में घपला करने की आरोपी मुन्नी देवी की जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान दिए। याचिका को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा, अगर संभव हो तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुचारु रखने के लिए सीडिंग का काम नौ महीने से पहले पूरा किया जाए।

याचिका की सुनवाई के दौरान वहां नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक अजय गोपाल भरतरिया मौजूद थे। उनके मुताबिक  याचिका की सुनवाई के दौरान नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक अजय गोपाल भरतरिया अदालत में उपस्थित थे। सुनवाई में सरकार द्वारा बताया गया कि प्रदेश में 13.76 करोड़ राशनकार्ड नागरिकों को जारी किए गए हैं। इनमें से 12,45,79,973 आधार कार्ड से जोड़े जा चुके हैं। यह करीब 90.53 फीसदी है।  लेकिन कुल 4,39,30,285 कार्ड ही यूआईडीएआई के सर्वरों पर सीड किए गए हैं। यह आंकड़ा 35.26 प्रतिशत ही है। अभी 64.74 प्रतिशत कार्डों की सीडिंग बाकी है। इस काम को जिला प्रशासन और राशन दुकानदार मिलकर कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रदेश सरकार उचित निर्देश जारी करे और राशन दुकानदारों को डाटा अपडेट रखने के लिए कहे।

 

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