Breaking News

अरब जगत में खलबली,अमेरिका ने यरुशलम को घोषित की इजरायल की राजधानी

अमेरिका ने यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने का फैसला कर लिया है। वह अपने दूतावास को तेलअवीव से यरुशलम में स्थानांतरित कर देगा। अमेरिका के इस कदम को उसकी 70 साल पुरानी विदेश नीति से उलट देखा जा रहा है। अमेरिकी नीति के अनुसार यरुशलम का भविष्य इजरायल और फलस्तीन को बातचीत के जरिये तय करना था

ये भी पढ़े ~हिंदुस्तान जिंदाबाद लिखने पर युवक पर देशद्रोह का केस दर्ज

यरुशलम की आबादी 8.82 लाख है। शहर में 64 फीसद यहूदी, 35 फीसद अरबी और एक फीसद अन्य धर्मों के लोग रहते हैं। शहर का क्षेत्रफल 125.156 वर्ग किमी है। इजरायल और फलस्तीन, दोनों ही अपनी राजधानी यरुशलम को बनाना चाहते थे। इस ऐतिहासिक शहर में मुस्लिम, यहूदी और ईसाई समुदाय की धार्मिक मान्यताओं से जुड़े प्राचीन स्थल हैं।

तेलअवीव में हैं दूतावास

1980 में इजरायल ने यरुशलम को राजधानी घोषित किया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव पारित कर पूर्वी यरुशलम पर इजरायल के कब्जा की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। 1980 से पहले यरुशलम में नीदरलैंड और कोस्टा रिका जैसे देशों के दूतावास थे। लेकिन 2006 तक देशों ने अपना दूतावास तेलअवीव स्थानांतरित कर दिया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय यरुशलम पर इजरायल के आधिपत्य का विरोध करता आया है लिहाजा तेलअवीव में ही सभी 86 देशों के दूतावास हैं।

1947 में संयुक्त राष्ट्र ने दिया दखल

1947 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा यरुशलम के विभाजन का प्लान रेखांकित किया गया था। इसका मकसद यरुशलम को अलग अंतरराष्ट्रीय शहर के रूप में परिकल्पित करना था।

ये भी पढ़े ~‘ऑनलाइन रेप’ करने वाले को दुनिया में पहली बार सज़ा

1948 में इजरायल के आजाद होने पर शहर का विभाजन हुआ। 1949 में युद्ध समाप्त होने पर आर्मिटाइस सीमा खींची गई। इससे शहर का पश्चिमी हिस्सा इजरायल और पूर्वी हिस्सा जॉर्डन के हिस्से आया।

पूर्वी यरुशलम बना इजरायली हिस्सा

1967 में हुए छह दिनी युद्ध में इजरायल ने जॉर्डन से पूर्वी हिस्सा भी जीत लिया। शहर को इजरायली प्रशासन चला रहा है। लेकिन फलस्तीन पूर्वी यरुशलम को भविष्य की अपनी राजधानी के रूप में देखता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*