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विश्व महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का निधन ,मोटर न्यूरोन नामक बीमारी से थे ग्रसित …

 

Edited by -shikha trivedi

विश्व प्रसिद्ध महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने 76 की उम्र में आख़िरी  सांस ली .स्टीफन हॉकिंग का निधन हो गया है. परिवार वालों ने इस बात को बुधवार को एक बयान जारी करके हुए बताया  . वो बेस्टसेलर बुक ‘अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ के लेखक भी थे.  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में सैद्धांतिक ब्रह्मांड विज्ञान केन्द्र ( सेंटर ऑफ थियोरेटिकल कोस्मोलॉजी) के शोध निर्देशक भी रहे. हॉकिंग व्हीलचेयर पर रहते थे. उन्होंने बताया था- ”21 वर्ष की उम्र में डॉक्टरों ने मुझे बता दिया था कि मुझे मोटर न्यूरोन नामक लाइलाज बीमारी है.”हॉकिंग के निधन  से उनके बच्चों लूसी, रॉबर्ट और टिम को काफी सदमा पहुंचा है। उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि हम अपने पिता के जाने से बेहद दुखी हैं।

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हॉकिंग की उपलब्धियों  बारे में पूरी दुनिया जानती है . इन्होंने ब्लैक होल और बिग बैंग सिद्धांत को समझने में साइंटिस्टों की काफी मदद की थी। उनके पास 12 मानद डिग्रियां हैं। हॉकिंग एक ऐसे निपुण वैज्ञानिक हैं जिनके कार्य को देखते हुए अमेरिका का सबसे उच्च नागरिक सम्मान उन्हें दिया गया।आपको बता दे की  स्टीफन हॉकिंग के दिमाग को छोड़कर उनके शरीर का कोई भी हिस्सा काम नहीं करता था। स्टीफन हॉकिंग को एक दुर्लभ बीमारी amyotrophic lateral sclerosis (ALS) थी। जिसके कारण उनके  दिमाग को छोड़कर , शरीर का कोई भी अंग काम नहीं करता था । उन्होंने द ग्रैंड डिजाइन, यूनिवर्स इन नटशेल, माई ब्रीफ हिस्ट्री, द थ्योरी ऑफ एवरीथिंग जैसी कई महत्वपूर्ण किताबें लिखी हैं।

 

 

हॉकिंस को  1963 में मोटर न्यूरॉन बीमारी के शिकार हुए और डॉक्टरों ने कहा कि उनके जीवन के सिर्फ दो साल बचे हैं. लेकिन वह पढ़ने के लिए कैम्ब्रिज चले गये और एल्बर्ट आइंस्टिन के बाद दुनिया के सबसे महान सैद्धांतिक भौतिकीविद बने.दुनिया के सबसे प्रसिद्ध भौतिकीविद और ब्रह्मांड विज्ञानी पर2014 में ‘थ्योरी ऑफ एवरीथिंग’ नामक फिल्म भी बन चुकी है.

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