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स्टूडेंटस के टूटे सपनो की वजह बया करते ये इंजीनियर कॉलेज

हरियाणा-  स्टूडेंट्स के टूटे सपनो की वजह बया करतेये इंजीनियर कॉलेज, मल्टी-एकड़ जमीन. हरा-भरा कैंपस. ऊंची बिल्डिंग और ऑडियो-विजुअल क्लासरूम. मार्केटिंग ब्रोशर के लिए ये एजुकेशन की ये दुनिया बिल्कुल परफेक्ट है. लेकिन, इस मॉर्डन कॉलेज में एक चीज की कमी है, वो है स्टूडेंट्स.

 

 

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हरियाणा के सोहना के सिलानी गांव में स्थित द इंस्टिट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड मैनेजमेंट (IITM) 12 एकड़ में फैला हुआ है. लेकिन, IITM का कैंपस खाली है. स्टूडेंट्स के मॉर्डन एजुकेशन के लिए इस कैंपस में सारी सुविधाएं हैं, लेकिन इन सुविधाओं को लेने के लिए कैंपस में स्टूडेंट्स ही नहीं हैं. खाली पड़े IITM कैंपस से ओनर्स (मालिक) ने एसी निकलवा लिए हैं. यहां चिड़ियों के घोंसला बनाने के लिए काफी जगह है. कुत्ते भी यहां सो जाते हैं. खाली कैंपस में अब बस तीन गार्ड्स और अनगिनत अधूरी आकांक्षाएं रह गए हैं.

 

 

 

 

दरअसल, IITM के बंद होने के पीछे की वजह है नौकरी. यहां स्टूडेंट्स को तो बड़े लुभावने वादे किए जाते हैं.कैंपस सिलेक्शन का हवाला दिया जाता है. कॉलेज की तरफ से कॉलेज को बताया जाता है कि कोर्स खत्म करने के बाद कैंपस सिलेक्शन होगा. उन्हें आसानी से अच्छी हाइक पर जॉब मिल जाएगी. लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ. यहां से पढ़ाई खत्म करने के बाद स्टूडेंट्स अपने आप को ठगा हुआ सा महसूस कर रहे हैं.

 

 

इस कॉलेज में बीटेक कोर्स शुरू किया गया था. लेकिन, अभी तक इसे मान्यता नहीं मिली है. ऐसे में ओनर्स (मालिक) भी अपने हाथ खींचने लगे हैं. जो पहले कभी इस कैंपस के गार्ड हुआ करते थे, अब वो अब कॉलेज प्रॉपर्टी के लिए गाइड बन गए हैं और ऐसे लोगों की तलाश कर रहे हैं, जो ये प्रॉपर्टी खरीद ले. यहां के गार्ड्स को साफ निर्देश दिए गए हैं कि मीडियावालों को एंट्री नहीं दी जाए.

 

 

 

 

राजेश बटला (21) IITM में कभी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के स्टूडेंट थे. अब वो इस कोशिश में हैं कि किसी तरह कहीं से डिग्री का जुगाड़ हो जाए. राजेश बताते हैं, ‘मैं कॉलेज के फर्स्ट बैच का हिस्सा रह चुका हूं. मैं अपने परिवार से पहला हूं, जो इंजीनियर कर रहा था. लेकिन, कॉलेज बंद हो गया. ऐसे में हमारे पास भी कोई ऑप्शन नहीं है. मैंने पास के एक कॉलेज में बीएससी के लिए अप्लाई किया है. ताकि, किसी तरह ग्रेजुएट हो जाऊं और कोई नौकरी मिल जाए.

 

 

 

 

बता दें कि IITM भारत के 95 अन्य कॉलेजों में से एक है, जिन्हें 2017-18 एकेडमिक ईयर के लिए बंद कर दिया गया है. इसी साल टेक्निकल कॉलेजों में 46.66 फीसदी खाली सीटें भी थी.जबकि, एकेडमिक ईयर 2016-17 में यह संख्या 47.22 प्रतिशत थीं.

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