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मंगलवार को पुलिस फायरिंग में पांच किसानों की मौत

मध्य प्रदेश में मालवा इलाके के नौ जिले पिछले तीन दिनों से लगातार हिंसा की चपेट हैं. यहां मंगलवार को पुलिस फायरिंग में पांच किसानों की मौत के बाद से लोगों में खासा गुस्सा है, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह में आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव किया.

शुरुआत में पुलिस के साथ राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने पुलिस की तरफ से फायरिंग की बात को सिरे से खारिज कर दिया था. हालांकि बाद में उन्होंने पुलिस की फायरिंग से किसानों की मौत की बात मान ली. पुलिस ने कहा कि उसक वक्त हालात ही कुछ इतने उग्र हो गए थे, लेकिन उन्हें मजबूरन फायरिंग करनी पड़ी. तो ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर उस दिन क्या हुआ था?
1. इतनी बड़ी संख्या में किसानों में जमा देख, पुलिस थाने के भीतर मौजूद एक कॉन्स्टेबल ने फायरिंग कर दी, जिसमें 2. और किसानों की मौत हो गई.
2. इलाके में किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए एहतियान सीआरपीएफ जवानों को बुलाया गया था.
3.इसके विरोध में 1000 के करीब किसान वहां इकट्ठा हुए और सीआरपीएफ की एक बस पर टूट पड़े, जिसमें उस वक्त बस दो जवान मौजूद थे.
4.मंदसौर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित पिपलिया गांव में बंद के दौरान कुछ किसान वहां जबरन दुकानें बंद करा रहे थे.

5. गुस्साई भीड़ को यूं अपनी तरफ बढ़ता देख सीआरपीएफ जवान डर गए कि फायरिंग कर दी. इसमें एक किसान की मौत हो गई
6.मंगलवार 6 जून को किसानों ने मध्य प्रदेश में बंद का आह्वान किया था.
7. वहां दुकानदारों ने किसानों का विरोध किया और बात बिगड़ने पर किसानों की पिटाई कर दी.
8. किसानों की इस पिटाई का वीडियो देखते ही देखते पूरे इलाके में वायरल हो गया.
9. किसानों का गुस्सा इससे और भड़क गया. फिर उन्होंने पिपलिया मंडी पुलिस थाने को घेर लिया.

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