LAC झड़प को लेकर वीके सिंह का बड़ा खुलासा,चीनी सेना के टेंट में आग से भड़की थी हिंसा

केंद्रीय मंत्री और पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह ने चीन को धोखेबाजी पर बड़ा बयान दिया है. वीके सिंह ने यह बताया है कि गलवान घाटी में 15 जून की रात कैसे खूनी झड़प हुई. कैसे चीन ने चालबाजी की है

15 जून को यह गलवान में हुई थी खूनी झड़प
हमारे भारत में 20 जवान हो गए थे शहीद, 76 घायल

केंद्रीय मंत्री और पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह ने चीन की धोखेबाजी पर बड़ा बयान दिया है. वीके सिंह ने यह बताया है कि गलवान घाटी में 15 जून की रात कैसे खूनी झड़प हुई? कैसे चीन ने चालबाजी की,है  लेकिन यह  दाव चीन को उल्टा पड़ गया.वीके सिंह ने कहा कि हमारे जवान चीनी सेना के पोजिशन देखने के लिए गए थे.

पूर्व सेनाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि 15 जून की शाम को हमारे कमांडिंग अफसर गलवान वैली में देखने गए थे कि चीन के लोग वापस गए या नहीं. कमांडिंग अफसर ने देखा है कि चीन के लोग वापस नहीं गए हैं. वो पेट्रोलिंग प्वाइंट-14 के नजदीक ही दिखाई दे रहे हैं. हमसे इजाजत लेकर चीनी सेना ने वहां तंबू लगया था.

गलवान में पीछे नहीं हटी चीनी आर्मी सेना! सैटेलाइट इमेज में दिखे कैंप और गाड़ियां

केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के यह मुताबिक, चीनी सेना ने तंबू भारतीय सेना से इजाजत लेकर लगाया था, ताकि वो देख सके कि हम पीछे गए या नहीं. 15 जून की शाम को चीनी आर्मी सेना ने यह तंबू नहीं हटाया था.इस दौरान दोनों सेनाओं के बीच कहासुनी हो गई थी  हमारे कमांडिंग अफसर ने तंबू हटाने का आदेश दिया. चीनी सैनिक जब तंबू हटा रहे थे, तभी आग लग गई.

केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि चीनी सेना के तंबू में आग लगने के कारण झड़प हो गई. इस झड़प के दौरान हमारे लोग चीनी सेना के उपर हावी हो गए है चीन ने अपने और लोगको बुलाए और हमारे लोगों ने भी अपने और लोग बुलाए. चीन के लोग जल्दी आ गए, फिर हमारे लोग आए. अंधेरे में 500 से 600 लोगों के बीच झड़प हुई.थी

LAC के पास आज भी मौजूद हैं चीनी सैनिक, भारत ने भी बहुत  तेज किया रोड बनाने का काम

पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह ने यह कहा था कि चीन के लोग सोचकर आए थे कि वह  भारतीय सेना पर हावी हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पहले हमारे तीन लोग हताहत हुए थे. फिर वह हमारे और चीनी सैनिक नदी में गिर गए थे. चोट और नदी में गिर जाने के कारण हमारे और 17 जवान शहीद हो गए. 70 के करीब घायल हो गए थे.

चीन पर निशाना साधते हुए भारत के केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने यह कहा कि चीन कभी नहीं बताएगा कि कितने लोग हताहत हुए.और कितने लोग मरे या नहीं मरे. जिस तरीके से हमारे लोगों ने चीनी सैनिकों को जवाब दिया था, उससे लगता है कि शुरू में 40 से अधिक चीनी सैनिकों के हताहत की जो संख्या आई थी, वह संख्या सही थी. उससे ज्यादा हो सकते हैं.

क्या मार्शल आर्ट के फाइटर्स से भिड़े थे भारतीय जवान? चीन ने बॉर्डर पर की थीयह तैनाती

मौजूदा हालात के बारे में बताते हुए यह केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि अभी भी चीन के सैनिक पीपी-14 के उस तरफ हैं और हमारे सैनिक भी इस तरफ हैं. दोनों ओर से तैनाती है. हमारी सेना की कोशिश है कि यह चीन के आगे नहीं आने देना है और श्योक के साथ-साथ की सड़क पर उनकी नजर न पड़ने देना है.

केंद्रीय मंत्री वीके सिंह नेयह कहा कि चीन की एक खासियत रही है कि वह हमेशा अपने क्लेम लाइन को आगे बढ़ा-चढ़ाकर बताता है.की  उनके प्रधानमंत्री ने 1959 में हमारे प्रधानमंत्री को एक नक्शा दिया था.की  इस नक्शे को आप जमीन पर उतारने की कोशिश करेंगे तो दिक्कत होती है.

भारत-चीन के बीच हर सप्ताह होगी चर्चा, क्या सीमा विवाद पर बनेगी यह बात?

पूर्व आर्मी चीफ वीके सिंह ने यह कहा था कि गर्मियों के मौके पर जब पेट्रोलिंग ज्यादा होती है तो दोनों देश की सेनाएं कई बार आमने-सामने आती रहती हैं वह पिछले 5-6 साल से धक्कामुक्की शुरू हो गई है . वह कहते हैं कि हमको आगे जाना है तो हमारे लोग रोकतेक्यों हैं चीन ने हमेशा धक्का-मुक्की करता रहता है.

प्रदेश की धड़कन, 'इंडिया जंक्शन न्यूज़' के ताजा अपडेट पाने के लिए जुड़ें हमारे फेसबुक पेज से...

Check Also

चीन से तनाव के बीच लद्दाख पहुंचे PM मोदी, समझिए चीन सीमा पर मोदी की मौजूदगी के मायने

पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल विपिन रावत और थलसेना …

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com