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ये कैसी राजनीती है, नहीं छोडा गया डॉ.भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति को भी

डॉ.भीमराव अम्बेडकर को लेकर अक्सर कुछ न कुछ राजनीती चलती रहती है . अब ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश का फिर से सुर्ख़ियों में है दरअसल अम्बेडकर जी की मूर्ति के रंग को लेकर हंगामा शुरू हो गया है.जबकि अनुसूचित जाति के आयोग का रुख बताता है कि अंबेडकर के नाम या रंग को लेकर चल रहे इस हेरफ़ेर से उन्हें कोई एतराज़ नहीं. यूपी के बदायूं में बाबा साहेब अंबेडकर की ये भगवा मूर्ति देखकर लोग नाराज़ हो गए. हंगामा बढ़ता इसके पहले पता चला कि बीएसपी के लोग अपनी पसंद से मूर्ति लाए हैं. बाद में इस मूर्ति के रंग को  नीला कर दिया गया. लेकिन राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठारिया का ये बयान फिर विवाद पैदा कर सकता है कि अम्बेडकर की मूर्ति नीली ही हो, ये ज़रूरी नहीं.

 

 

 

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रामशंकर कठारिया ने मीडिया से कहा, “बाबा साहेब की मूर्ति नीले रंग की ही हो ये कहीं नहीं लिखा है. उनके नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. वो बहुरंगी थे. अगर किसी ने व्यक्तिगत वजहों से उनकी मूर्ति को भगवा रंग से रंग दिया तो ये गलत नहीं है.” सवाल है, क्या अम्बेडकर को दलितों के कब्ज़े से छुड़ाने के लिए उनकी मूर्तियों को रंगने का सिलसिला तो नहीं शुरू हो जाएगा? तोड़फोड़ तो अब भी जारी है. सहारनपुर में मंगलवार को भी प्रशासन एक मूर्ति की मरम्मत करता नज़र आया.

 

 

डॉ. भीमराव अम्बेडकर का नाम बदलने के फ़ैसले को भी आयोग सही मानता है. रामशंकर कठारिया ने कहा, “यूपी सरकार ने शुरुआत की है. और अगर और भी राज्य इसकी आवश्यकता समझते हैं तो वो भी अपने यहां अध्ययन कराकर उपयुक्त लगे तो नाम बदलने पर विचार कर सकते हैं” अम्बेडकर की विरासत पर कब्ज़े की इस कोशिश के बीच यूपी में दलितों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं- ये बात केंद्र सरकार ने भी मानी है. इस साल 6 फरवरी को लोक सभा में गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने लिखित में ये जानकारी दी कि यूपी में 2015 में दलितों से अपराध के 8357 मामले दर्ज हुए जबकि 2016 में 10426 यानी एक साल में 24.75% की बढ़ोतरी रही. लेकिन आयोग मानता है कि इसके दोषियों पर कार्रवाई भी हो रही है.

 

 

रामशंकर कठारिया ने कहा, “ये सही है कि यूपी में दलितों के खिलाफ अत्याचार के केस हो रहे हैं, वो पहले भी हो रहे थे और पूरे देश में हो रहे हैं….लेकिन कार्रवाई भी हो रही है. FIR दर्ज़ की जा रही है. साथ ही, पीड़ितों को मुआवज़ा और दूसरी ज़रूरी पहल की जा रही है.”

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