अब रेलवे करेगा सोलर प्लेट से बिजली उत्पादन

पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में गुरुवार को डीआरएम राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि देश के विभिन्न स्थानों पर सोलर प्लेट लगाकर 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन करने का लक्ष्य रेलवे ने रखा है। प्रदूषण कम करने के लिए जल्द ही जिन मार्गों पर डीजल इंजन का उपयोग किया जा रहा है, उसे कम किया जाएगा। डीआरएम ने अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी।

दिल्ली में सेमिनार : डीआरएम ने बताया कि सोलर प्लेट से विद्युत उत्पादन करने की योजना को धरातल पर लाने के लिए दिल्ली में गुरुवार को सेमिनार का आयोजन हुआ। सेमिनार का सीधा प्रसारण तमाम रेल मंडल मुख्यालय में किया गया। जिसे देखने के लिए रेल मंडल के इलेक्ट्रीकल विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

खाली स्थानों पर लगेंगे सोलर प्लेट : डीआरएम ने कहा कि रेलवे इसके तहत काफी संख्या में खाली पड़े स्थानों पर सोलर प्लेट लगाएगा। निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी सोलर प्लेट रेलवे के खाली क्षेत्र में लगाने के लिए आमंत्रित करेगा। निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा लगाई गई सोलर प्लेट से उत्पादित बिजली रेलवे स्वयं आवश्यकता अनुसार रियायत दर पर खरीदेगा। इससे रेलवे के खर्च में कमी आएगी। रेलवे सबसे अधिक खर्च कर्मचारियों के वेतन व बिजली खरीदने में करता है। बिजली की खपत कम करने के लिए रेलवे ने सबसे पहले एलईडी बल्ब लगाए थे। जल्द ही एलईडी ट्यूब लाइटस भी लगाए जाएंगे।

ट्रेनों की बढ़ाई गई सुरक्षा : मंडल प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि छठ पर्व पर भीड़ को देखते हुए ट्रेनों में न सिर्फ कोच बढ़ाए गए हैं, बल्कि स्पेशल ट्रेन भी चलाई जा रही है। वहीं, ट्रेनों में आरपीएफ की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

Check Also

लिव-इन में रह रही महिला कि उसके पार्टनर की हत्या

दिल्ली में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। तिलक नगर थाना क्षेत्र …