आपातकाल पर पुनर्विचार होता रहना चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आपातकाल के बारे में बार बार विचार करने की ज़रूरत है ताकि कोई और नेता ऐसा करने की न सोचे.

प्रधानमंत्री ने कहा है कि विश्वसनीयता मीडिया की सबसे बड़ी चुनौती है और भारत को अपने वैश्विक ब्रांड स्थापित करने की ज़रूरत है.

इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की ओर से दिए जाने वाले रामनाथ गोयनका अवार्ड के अवसर पर प्रधानमंत्री का कहना था, ”आज निष्पक्ष भाव से उस समय (आपातकाल) की मीमांसा हर पीढ़ी में होती रहनी चाहिए.”

हालांकि पत्रकारिता के लिए दिए जाने वाले प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका अवार्ड इस बार विवाद से अछूते नहीं रहे हैं.

इस बार सम्मान के लिए चुने गए पत्रकारों में से एक अक्षय मुकुल ने प्रधानमंत्री मोदी के कारण समारोह में शामिल होने से इंकार कर दिया है.

जानी मानी मैगजीन The Caravan के अनुसार अक्षय मुकुल ने कहा है कि ‘वो इस तथ्य के साथ जी नहीं सकते कि वो और मोदी एक ही फ्रेम में हों.’

अक्षय मुकुल को उनकी पुस्तक के लिए सम्मानित करने की घोषणा हुई थी. अक्षय का कहना था कि वो अवार्ड मिलने से खुश हैं लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री मोदी से अवार्ड लेने में समस्या है.

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