टाटा स्टील प्लांट के लिए आरक्षित भूमि, अब अल्ट्रा मेगा के हवाले

छत्तीसगढ़- के बस्तर के लोहंडीगुड़ा में टाटा स्टील प्लांट के लिए अधिगृहित पांच हजार एकड़ जमीन अब अल्ट्रा मेगा स्टील प्लांट को दी जा सकती है. इसके लिए सेल व राष्ट्रीय खनिज विकास निगम की सलाहकार कंपनी मेकॉन के अफसर जिला प्रशासन से मिले और जमीन के कागजात जुटाए.land
जानकारी के अनुसार, देशभर में प्रस्तावित बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा के लिए पीएमओ में 29 नवंबर को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है. इसमें अल्ट्रा मेगा स्टील प्लांट प्रोजेक्ट भी शामिल है. करीब 15 हजार करोड़ रुपए लागत वाले इस प्रस्तावित संयंत्र की उत्पादन क्षमता 30 लाख टन सालाना होगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नौ मई, 2015 को दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान इसके लिए सेल और एनएमडीसी में एमओयू हुआ था.
अल्ट्रा मेगा स्टील प्लांट स्थापित करने तोकापाल के डिलमिली को भी बतौर विकल्प रखा गया था. वहां विरोध को देखते हुए अब टाटा स्टील के लिए प्रस्तावित जमीन पर संभावनाएं तलाशी जा रही हैं.

लोहंडीगुड़ा के 10 गांवों में चिन्हित करीब पांच हजार एकड़ जमीन में से चार हजार एकड़ का अधिग्रहण कर सीएसआईडीसी को हस्तांतरित किया गया है.एसडीएम जगदलपुर अनुविभाग एसआर कुर्रे ने बताया कि मेकॉन कंपनी के अधिकारियों ने टाटा स्टील के लिए पूर्व में प्रस्तावित जमीन का नजरी-नक्शा मांगा है. प्रशासन ने संबंधित सभी जानकारियां उपलब्ध करा दी है.

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