क्यों ? गूगल भी नहीं जानता है इन सात जगहों के बारे में…………

मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। गूगल और इसके प्रॉडक्‍ट्स आजकल लोगों की जरुरत का अहम हिस्सा बन चुके हैं। किसी भी चीज की जानकारी गूगल सर्च आसानी से उपलब्ध करा देता है।

गूगल इज़ गॉड एक नई कहावत बन चुकी है। गूगल को गॉड इसलिए कहा जाता है क्‍योंकि इसमें हर जानकारी मिल जाती है।

लेकिन ये पूरा सच नहीं है। हम गूगल की प्रामाणिकता पर सवाल नहीं उठा रहे हैं। हमारा मकसद केवल जानकारी देना है।

गूगल अर्थ और गूगल मैप दो ऐसे टूल या या सॉफ्टवेयर हैं जिनकी मदद से आप दुनिया के किसी भी हिस्‍से की जानकारी हासिल कर सकते हैं या फिर उसका नक्‍शा और लोकेशन देख सकते हैं।

गूगल मैप को नेविगेशन के लिए उपयोग किया जाता है। यूं तो ऐपल भी इस तरह का नेविगेशनल ऐप उपलब्‍ध कराता है। लेकिन एंड्रॉयड यूजर्स ज्‍यादा होने की वजह से गूगल मैप्‍स के यूजर्स की संख्‍या दुनिया में कुछ ज्‍यादा है।

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कुछ अन्‍य कंपनियां भी मैपिंग और नेविगेशनल सर्विसेस उपलब्‍ध कराती हैं। लेकिन गूगल मैप्‍स की ख्‍याति अलग है।

फिर भी गूगल मैप्‍स पर कुछ स्‍थानों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलती है। हम आपको ऐसे स्‍थानों के नाम बता रहे हैं, जिसे आप गूगल मैप्‍स पर नहीं खोज सकते हैं।

  1. वोल्कल एयरबेस नीदरलैंड

वोल्कल स्कॉर्ड्रन नीदरलैंड को गूगल मैप से पूरी तरह ब्लर कर दिया गया है। इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया जाता है।

  1. रोसेस स्पेन

यहां भी अमेरिकी एयर फोर्स के 875वें एयरक्राफ्ट कंट्रोल और वॉर्निंग स्कॉर्ड्रन का बेस बताया जाता है। इसे भी गूगल अर्थ पर आप देख नहीं पाएंगे।

 

  1. नेशनल सिक्युरिटी ब्यूरो, चीन ताईवान

यह चीन की नेशनल सिक्योरिटी का हेडक्वॉर्टर है। यह वहां के मुख्य इंटेलिजेंस गैदरिंग ऑर्गनाइजेशन के तौर पर उपयोग किया जाता है।

  1. इजराइल

मैप पर इजराइल का एरियल व्यू तो साफतौर पर दिखता है, लेकिन आप इसे जूम करेंगे तो यहां कम रिसोल्यूशन की इमेज मिलेगी जबकि दूसरे देशों की इमेज साफ दिखाई देती है।

  1. NATO एयर बेस गेल्सेंकिर्चन

नॉर्थ अट्लांटिक ट्रीटि ऑर्गनाइजेशन का एयरबेस है जो ब्लर है। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट के बिंग मैप पर यह साफ देखा जा सकता है।

  1. हेलीपोर्ट दे कार्टागेना स्पैन

इस लोकेशन के बारे में कुछ ज्यादा जानकारी तो प्राप्त हो नहीं पाई, मगर देखने पर यह एक खुले मैदान जैसा दिखता है, लेकिन गूगल अर्थ पर यह ब्लर किया हुआ है। अब इसका राज तो स्पैन सरकार ही दे सकती है।

  1. यू.एस. मक्सिको बॉर्डर

15 माइल अमेरिकी मैक्सिकन बॉर्डर को डिस्टॉर्ट कर दिया गया है ताकि लोग देख न सकें। इन जगहों पर यह फैसला सुरक्षा की दृष्टि से लिया गया है। इस अहम फैसले को गूगल भी नहीं तोड़ पाया।

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