अपने आस-पास ऐसे पहचानें नकारात्मक लोगों को

सकारात्मक सोच वाला इंसान जिंदगी में हमेशा अच्छी बातों पर अपना ध्यान लगाता है जबकि नकारात्मक सोच वाला व्यक्ति अक्सर संशय में रहता है।

हमेशा चिंतित रहना, लगभग हर चीज के बारे में शिकायती लहजा रखना और आत्मविश्वास की कमी। ये सshutterstock_79430332_4wpभी नकारात्मक लोगों के लक्षण हैं। इस तरह के लोगों को पहचानकर उनसे दूरी बनाना जरूरी है वरना वे हमारी तरक्की की बाधा बनते हैं। सकारात्मक सोच वाला इंसान जिंदगी में हमेशा अच्छी बातों पर अपना ध्यान लगाता है जबकि नकारात्मक सोच वाला व्यक्ति अक्सर संशय में रहता है।

सकारात्मक सोच रखने वाला सोचता है कि बुरा वक्त भी निकल ही जाएगा जबकि नकारात्मक सोच के साथ व्यक्ति विचार करता है कि कल तो और भी बुरा दिन होगा। इस तरह की सोच रखने वाले व्यक्तियों की पहचान बहुत मुश्किल नहीं है। उन्हें इस तरह पहचानें-

हमेशा चिंतित

नकारात्मक सोच वाले हमेशा किसी न किसी तरह की चिंता में रहते हैं। वे हमेशा यही कयास लगाते रहते हैं कि अब कुछ गलत होने वाला है। चीजें ठीक भी होती नजर आ रही हों तो भी वे किसी न किसी गड़बड़ी की आशंका में ही घिरे रहते हैं। ऐसे लोग अपने आप पर भी संशय रखते हैं।

निराशावादी दृष्टिकोण

वे जीवन के सकारात्मक पक्ष को अक्सर नजरअंदाज करते हैं। छोटे-छोटे मामलों में भी वे बुरा पहले सोचते हैं। चीजों से घबराते बहुत जल्दी हैं। जैसे सड़क पर लगे जाम, रेस्तरां की भीड़ को देखकर वे तुरंत निराश हो जाते हैं। मिलने वाली बड़ी सफलता भी उनके चेहरे पर खुशी नहीं लाती।

शिकायती लहजा

नकारात्मक सोच वाले लोग चीजों को लेकर शिकायत ही करते रहते हैं। वे हर चीज से चिढ़े रहते हैं और जिस भी माहौल में रहते हैं उसमें भी अपनी चिढ़ घोलते रहते हैं। उनके मन में यह रहता है कि पूरी दुनिया उनके खिलाफ काम कर रही है। वे अक्सर रिश्तों, घर की समस्याओं और ऑफिस की चीजों को लेकर शिकायत ही करते रहते हैं।

प्रयोगवादी नहीं होते

नकारात्मक लोग जिंदगी में किसी भी तरह का प्रयोग करने से हिचकिचाते हैं। वे अपने कंफर्ट जोन से बाहर आने से डरते हैं। वे किसी भी तरह के डर के आगे पहले ही घुटने टेक देते हैं। किसी भी काम को करने से पहले ही उनके मन में असफल होने का डर समाया रहता है।

असफल

नकारात्मक सोच के कारण ही अक्सर व्यक्ति जीवन में नई संभावनाओं की तरफ नहीं बढ़ पाता है। जीवन में जो कुछ पाने की योग्यता वह रखता था अक्सर वह उससे कम में ही संतोष कर जाता है और नई बुलंदियों तक पहुंचने की दौड़ में पिछड़ जाता है।

कम अनुभव

नकारात्मक सोच के लोग जीवन में आनंद, सौंदर्य, रोमांच और चाहत जैसे अनुभवों से अछूते रह जाते हैं। ये भावनाएं नहीं होकर अनुभव हैं जो महसूस करने से ही मिलते हैं। नकारात्मक सोच के लोग चूंकि जीवन के उजले पक्ष की ओर बहुत ही कम देखते हैं इसलिए वे इन अनुभवों से महरूम रह जाते हैं। उनके अनुभवों का दायरा बहुत ही सिमटा होता है।

 

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